आंख के बदले आंख…ट्रंप के परमाणु परीक्षण वाले बयान से टेंशन में पुतिन, दे दिया बड़ा आदेश
US-Russia News: रूस ने ट्रंप के परमाणु परीक्षण संबंधी बयान पर अमेरिका से स्पष्टीकरण मांगा, चेतावनी दी कि ऐसे कदम से वैश्विक सुरक्षा कमजोर होगी और अन्य परमाणु संपन्न देशों की प्रतिक्रियाएं सामने आएंगी।
- Written By: अक्षय साहू
परमाणु परीक्षण बयान पर रूस ने ट्रंप से मांगा स्पष्टीकरण (सोर्स- सोशल मीडिया)
Russia Warns US Nuclear Test: रूस ने अमेरिका से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया परमाणु परीक्षण संबंधी बयान पर औपचारिक स्पष्टीकरण देने की मांग की है। रूस का कहना है कि अगर अमेरिका इस दिशा में कोई कदम उठाता है, तो इससे वैश्विक स्तर पर गंभीर प्रतिक्रियाएं देखने को मिलेंगी, जिनमें रूस समेत कई अन्य परमाणु संपन्न देशों की प्रतिक्रिया शामिल होगी।
राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले हफ्ते अमेरिकी सेना को परमाणु हथियारों के परीक्षण की प्रक्रिया तुरंत फिर से शुरू करने का आदेश दिया था। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका आशय सिर्फ परमाणु-सक्षम मिसाइलों के फ्लाइट-टेस्ट से है या उन परीक्षणों से जिनमें वास्तविक परमाणु विस्फोट शामिल हों। गौरतलब है कि अमेरिका और रूस दोनों ने तीन दशकों से भी अधिक समय से कोई परमाणु विस्फोटक परीक्षण नहीं किया है।
ट्रंप के बयान से दुनिया में हड़कंप
रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने कहा कि यदि ट्रंप के बयान का मतलब परमाणु विस्फोट से है, तो यह स्थिति बेहद नकारात्मक होगी और इसके उत्तर में रूस तथा अन्य देशों को भी अपने कदम उठाने पड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा कदम परमाणु निरस्त्रीकरण और वैश्विक सुरक्षा ढांचे को कमजोर करेगा।
सम्बंधित ख़बरें
LPG से लदे दो भारतीय जहाजों ने पार किया होर्मुज स्ट्रेट, इस तरकीब से चुपचाप निकले बाहर, नाकेबंदी फेल
चीन को ‘ड्रैगन’ क्यों कहा जाता है? जानिए इसके पीछे की दिलचस्प कहानी
समंदर में मौत को मात! Florida Plane Crash के 5 घंटे बाद कोस्ट गार्ड ने बचाई 11 जिंदगियां, ऐसे हुआ चमत्कार
Trump Xi Meeting: ट्रंप हुए जिनपिंग के मुरीद! बीजिंग में बोले- दोस्ती पर गर्व है और चीनी सेना वाकई लाजवाब है
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए अपने शीर्ष अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे संभावित अमेरिकी कदमों के जवाब में रूस द्वारा किए जा सकने वाले परमाणु परीक्षणों के लिए प्रस्ताव तैयार करें। उनका कहना है कि अमेरिकी नीति में स्पष्टता का अभाव है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्थिरता पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
परमाणु परीक्षण की मचेगी होड़
सुरक्षा विश्लेषकों ने इसे आंख के बदले आंख वाली मत को जोर देने वाला कदम बताया है। उनका कहना है कि अगर कोई भी परमाणु संपन्न देश परीक्षण दोबारा शुरू करता है, तो मौजूदा भूराजनीतिक तनाव विशेषकर यूक्रेन युद्ध के दौर में और अधिक अस्थिर हो सकता है। इससे शीत युद्ध जैसी हथियारों की दौड़ दोबारा शुरू होने की आशंका बढ़ जाएगी।
यह भी पढ़ें: ‘चिकन नेक’ पर बढ़ा खतरा! बांग्लादेश में चीन की मदद से तैयार हो रहा एयरबेस, 12 जेट होंगे तैनात
रूस और अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े परमाणु शस्त्रागार वाले देश हैं। दोनों के बीच मौजूद अंतिम संधि, जो रणनीतिक परमाणु वॉरहेड्स की सीमाओं को तय करती है, अगले तीन महीनों में समाप्त होने जा रही है। पुतिन ने प्रस्ताव दिया है कि दोनों देश इस संधि की शर्तों का पालन एक और वर्ष तक जारी रखें ताकि स्थिरता बनी रहे, लेकिन ट्रंप ने अब तक इस प्रस्ताव पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
