पुतिन और ट्रंप (सोर्स- IANS)
Russia On Middle East War: पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव के बीच रूस ने सख्त रुख अपनाया है। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद रूस ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून लगभग खत्म हो चुका है। हालात को देखते हुए रूस ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस पुराने प्रस्ताव को दोहराया, जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के P-5 देशों की बैठक बुलाने की बात कही गई थी।
रूस का यह बयान ऐसे समय मे आया है जब यह युद्ध दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार ईरान को धमकी दे रहे हैं। ‘रूसिया’ को दिए गए इंटरव्यू में क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने अपना कड़ा रुख साफ रखा।
क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने अंतरराष्ट्रीय कानून पर तीखी टिप्पणी की उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में वह व्यवस्था लगभग खत्म हो चुकी है जिसे अंतरराष्ट्रीय कानून कहा जाता था। पेसकोव ने सवाल उठाया कि जब इसका वजूद ही कमजोर पड़ चुका है, तो किसी से इसके नियमों और सिद्धांतों का पालन करने की उम्मीद कैसे की जा सकती है। उन्होंने साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून किताबों या कागजों में दिख सकता है लेकिन वास्तविक रूप में इसका अब कोई नामोनिशान नहीं रह गया है।
पेसकोव ने पुतिन की उस मांग को दोहराया जिसमें दुनिया की 5 बड़ी शक्तियों यानी अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन की बैठक बुलाने की मांग की थी। रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने यह बैठक इसलिए बुलाने को कहा था, जिससे यह सभी देश एक साथ बैठें और दुनिया की सुरक्षा और स्थिरता पर चर्चा करें।
ईरान पर हुए हमलों को लेकर क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने चेतावनी दी कि पश्चिमी एशिया तनाव की स्थिति तेजी से नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि बढ़ते क्षेत्रीय संघर्ष और अनसुलझे विवाद केवल युद्ध तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इसके गंभीर आर्थिक और राजनीतिक परिणाम पूरी दुनिया को भुगतने पड़ सकते हैं।
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रूस ने अमेरिका पर सीधे सवाल दागे, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका को घेरते हुए कहा कि अमेरिका पूरी दुनिया को अपनी उन योजनाओं के बारे में बताए जिसकी वजह से यह हालात बन रहे हैं, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यूएस यह भी बताए की उसकी योजनाएं, अंतर्राष्ट्रीय नियमों और मानदंडों से कैसे मेल खाती हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब वह समय आ गया है जब हमें यह परिभाषित करना होगा कि हम किस तरह की दुनिया में रह रहे हैं।