कीव पर तबाही! 550 ड्रोन-11 मिसाइल, ट्रंप-पुतिन की बात के बाद यूक्रेन पर बरसी आग

रूस ने कीव पर अब तक का सबसे भीषण हवाई हमला किया, जिसमें 23 लोग घायल हो गए। इस हमले से ठीक पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई थी।
कीव पर बरसी आग! 550 ड्रोन-11 मिसाइल, ट्रंप-पुतिन की बात के बाद यूक्रेन पर हमला
ट्रंप-पुतिन की बात के बाद यूक्रेन पर हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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कीव: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच फोन पर बातचीत के कुछ ही समय बाद रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला कर दिया। अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर दोनों नेताओं के बीच ऐसा क्या चर्चा हुई, जिसके बाद रूस ने इतनी बड़ी सैन्य कार्रवाई की।

शुक्रवार रात रूस ने यूक्रेन पर तीन साल से जारी युद्ध के दौरान सबसे भयानक हमला किया। इस हमले में कीव के कई इलाकों को नुकसान पहुंचा और कम से कम 23 लोग घायल हो गए। रूसी वायुसेना के अनुसार, उसने कीव पर 550 ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया। इनमें से अधिकतर शाहिद ड्रोन थे, जबकि 11 हमले मिसाइलों से किए गए।

कीव को निशाना बनाकर किया गया था हमला

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रातभर शहर में ड्रोन की आवाजें, जोरदार धमाके और मशीन गनों की तेज फायरिंग गूंजती रही। कीव के मेयर विटाली क्लिटस्को ने बताया कि यह हमला खास तौर पर कीव को निशाना बनाकर किया गया था। इस हमले में कम से कम 23 लोग घायल हुए, जिनमें से 14 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि रूस द्वारा किया गया हमला बेहद भयावह, और निर्मम था। उन्होंने कहा कि राजधानी कीव इस हमले का मुख्य निशाना बनी और राहत एवं बचाव कार्य अभी भी जारी है। जेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसियों ने रूस के 270 हवाई लक्ष्यों को नष्ट किया, जिनमें से 208 ड्रोन को इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर तकनीक की मदद से निष्क्रिय किया गया। इसके अलावा इंटरसेप्टर ड्रोन ने भी कई ड्रोन मार गिराए।

सभी सहयोगी देशों से मांगी मदद

उन्होंने बताया कि यूक्रेन लगातार अपनी सुरक्षा प्रणाली को मजबूत कर रहा है ताकि शहरों की रक्षा की जा सके। उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि अमेरिका समेत सभी सहयोगी देशों को बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से सुरक्षा के लिए यूक्रेन की रक्षा प्रणाली को और मज़बूत करने में सहायता जारी रखनी चाहिए।

उन्होंने कहा, "यह साफ संकेत है कि जब तक रूस पर सख्त और बड़े स्तर का दबाव नहीं डाला जाएगा, वह अपनी विध्वंसक रणनीतियों से पीछे नहीं हटेगा। हर हमले के बदले रूस पर सख्त प्रतिबंध और आर्थिक चोट जरूरी है। यही एकमात्र रास्ता है जिससे हालात में जल्द सुधार लाया जा सकता है।"

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