पाक-अफगान संघर्ष के बीच रूस की अपील (सोर्स- सोशल मीडिया)
Russia Appeal For Peace In Pakistan Afghanistan War: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सरहद पर जारी तनाव अब एक भीषण और खुली जंग की शक्ल ले चुका है जिससे चारों तरफ तबाही का मंजर है। इस गंभीर संकट को देखते हुए रूस, चीन और ईरान जैसे बड़े देशों ने दोनों मुल्कों से तुरंत युद्ध रोकने और बातचीत की मेज पर आने की अपील की है। सीमा पर भीषण खूनी संघर्ष के बीच रूस ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने और आपसी विवाद को सुलझाने की एक बड़ी पेशकश भी रखी है। रूसी विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि सैन्य हमलों को रोककर राजनयिक स्तर पर समाधान तलाशना ही अब एकमात्र रास्ता बचा है।
पाकिस्तानी वायु सेना ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल और अन्य महत्वपूर्ण प्रांतों को निशाना बनाते हुए ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ नाम का एक बड़ा हमला शुरू किया है। इसके जवाब में अफगान सेना ने भी तोरखाम बॉर्डर के पास पाकिस्तानी चौकियों पर भीषण ड्रोन हमले किए हैं और उनके थर्मल वीडियो भी जारी किए हैं। पाकिस्तानी सेना पिछले कई घंटों से तालिबान के ठिकानों पर उसी तरह बमबारी कर रही है जैसे कभी सोवियत संघ और अमेरिका ने की थी।
दोनों देशों के बीच यह खूनी संघर्ष असल में 21 फरवरी 2026 से ही शुरू हो गया था लेकिन अब इसने एक पूर्ण युद्ध का रूप ले लिया है। तालिबान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दावा किया है कि उसने पाकिस्तान की कई सैन्य चौकियों को अपने कब्जे में ले लिया है और भारी नुकसान पहुंचाया है। पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर इस ‘ओपन वॉर’ की घोषणा कर दी है जिससे सीमा पर रहने वाले आम लोगों की जान पर भी बन आई है।
रूसी समाचार एजेंसी RIA के अनुसार रूसी विदेश मंत्रालय ने दोनों पक्षों से दुश्मनी त्यागने और शांति की राह पर लौटने की पुरजोर वकालत की है। रूस का मानना है कि इस तरह की हिंसा से क्षेत्र की स्थिरता को खतरा है और इसे केवल कूटनीति से ही शांत किया जा सकता है। चीन और ईरान ने भी रूस की इस अपील का समर्थन करते हुए दोनों मुल्कों को बीच-बचाव और मध्यस्थता की पेशकश दी है।
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पाकिस्तान का दावा है कि उसने अपनी सैन्य कार्रवाई में अब तक 133 लोगों को मार गिराया है और उसके निशाने पर काबुल के साथ कंधार भी है। वहीं अफगानिस्तान का कमिकाजे ड्रोन पाकिस्तान के अबोट्टाबाद स्थित सैन्य अड्डे तक पहुंच गया है जो इस युद्ध की भयावहता को साफ दर्शाता है। सीमा पर जारी इस अशांति ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है और अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या शांति बहाल हो पाएगी।