इस मुद्दे पर अमेरिका और रूस आमने-सामने, बाइडन प्रशासन के प्रतिबंधों को बताया गैरकानूनी
रोसातोम के प्रबंधन को निशाना बनाने वाले प्रतिबंधों को निराधार और गैरकानूनी है। कहा कि आज रोसातोम परमाणु ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के निर्यात के मामले में वैश्विक स्तर पर अग्रणी है।
- Written By: साक्षी सिंह
तस्वीर में जो बाइडन और व्लादिमीर पुतिन
वाशिंगटन: अमेरिका द्वारा रूस पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर दोनो देश आमने-सामने आ गए हैं। रूस के सरकारी परमाणु ऊर्जा निगम रोसातोम ने कहा है कि उसके खिलाफ अमेरिका के बाइडन प्रशासन की ओर से लगाए गए प्रतिबंध गैरकानूनी हैं।
इसने कहा कि रोसातोम के प्रबंधन को निशाना बनाने वाले प्रतिबंधों को निराधार और गैरकानूनी है। कहा कि आज रोसातोम परमाणु ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के निर्यात के मामले में वैश्विक स्तर पर अग्रणी है। इसलिए प्रतिबंधों को अमित्र राज्यों से अनुचित प्रतिस्पर्धा के रूप में देखा जा रहा है।
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रोसातोम ने एक बयान में कहा कि लगभग तीन सालों से हमने बढ़ते प्रतिबंधों के दबाव के बीच काम किया है, सफलतापूर्वक कार्य किया और किसी भी स्थिति के लिए हमेशा तैयार रहे। रोसाताम भागीदारों के प्रति अपनी सभी प्रतिबद्धताओं को पूर्ण रूप से पूरा कर रहा है।
क्या है मामला
राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह रूस के अत्यंत महत्वपूर्ण ऊर्जा क्षेत्र के खिलाफ प्रतिबंधों का विस्तार कर रहा है। इसी के साथ यूक्रेन में युद्ध के लिए मास्को को चोट पहुंचाने के एक नए प्रयास को उजागर किया।
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दो भारतीय कंपनियों स्काईहार्ट मैनेजमेंट सर्विसेज और एविजन मैनेजमेंट सर्विसेज और परमाणु ऊर्जा परमाणु गैर-ऊर्जा सामग्री और उच्च तकनीक उत्पादों में विशेषज्ञता रखने वाले रोसातोम के वरिष्ठ अधिकारियों समेत 150 से अधिक संस्थाओं और व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
