सुरक्षा से खिलवाड़ मंजूर नहीं... लाल सागर के बिगड़ते हालात पर भारत की सख्त चेतावनी

Red Sea Crisis Report: विदेश मंत्रालय ने लाल सागर क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति बिगड़ने पर चिंता जताई है और सऊदी अरब पर हुए हूती हमलों को पूरी तरह से अस्वीकार्य मानकर शांति बहाली की अपील की है।
Red Sea Crisis MEA Statement
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Red Sea Crisis MEA Statement: भारत ने लाल सागर क्षेत्र में तेजी से बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर एक बार फिर गहरी चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब के नागरिकों और आर्थिक परिसंपत्तियों को निशाना बनाकर किए जा रहे हूती हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है।

साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार 18 सितंबर 2026 को भारत का पक्ष मजबूती से सामने रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाल सागर और बाब अल मंडेब जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर जहाजों की आवाजाही को खतरे में डालना अत्यंत चिंताजनक है।

लाल सागर में बढ़ते तनाव पर भारत की चिंता

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में लाल सागर की स्थिति पर भारत का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा सैन्य तनाव चिंता का विषय है। विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब के रिहाइशी इलाकों और आर्थिक परिसंपत्तियों पर होने वाले हूती हमलों को अस्वीकार्य बताया। 

भारत के मुताबिक, ऐसे हमलों से केवल क्षेत्रीय शांति प्रभावित नहीं होती, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री आवाजाही पर भी असर पड़ता है। लाल सागर और बाब अल-मंडेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों से बड़ी संख्या में व्यापारिक जहाज गुजरते हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी खतरे बढ़ना वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए भी चिंता का विषय माना जा रहा है।

समुद्री जहाजों की सुरक्षा और शांति बहाली पर जोर

भारत ने लाल सागर में जारी सैन्य संघर्ष को लेकर शांति बहाली की आवश्यकता पर जोर दिया है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।

रणधीर जायसवाल ने सऊदी अरब के नागरिकों और आर्थिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने पर भी चिंता जताई। भारत ने क्षेत्र में तनाव कम करने और शांति की दिशा में प्रयास किए जाने की उम्मीद व्यक्त की है।

सऊदी अरब में फंसे भारतीय नागरिक इंद्रमणि नौटियाल का मामला

मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब में फंसे भारतीय नागरिक इंद्रमणि नौटियाल के मामले पर भी जानकारी दी। उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के जौनपुर ब्लॉक स्थित गौरसाड़ा गांव के रहने वाले इंद्रमणि 2018 में रोजगार के लिए सऊदी अरब गए थे।

वह रियाध स्थित पिक रोड्स एंड कॉन्ट्रैक्टिंग कंपनी में ट्रक ड्राइवर के तौर पर काम कर रहे थे। एक हादसे के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हुई। कंपनी मालिक की ओर से भारतीय मुद्रा में करीब 2.29 करोड़ रुपये के जुर्माने का मामला सामने आया है। इस मामले के चलते इंद्रमणि की स्थिति को लेकर परिवार लगातार चिंतित है। उनके परिवार ने सुरक्षित स्वदेश वापसी के लिए सरकार से मदद की अपील की है।

मुख्यमंत्री धामी ने जयशंकर को लिखा पत्र

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अगस्त में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को पत्र लिखकर इंद्रमणि नौटियाल के मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से उन्हें आवश्यक कानूनी और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने तथा सुरक्षित भारत वापसी सुनिश्चित करने का आग्रह किया था। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

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दूतावास लगातार कर रहा अधिकारियों से संपर्क

रणधीर जायसवाल के मुताबिक, सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय सरकार और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है। दूतावास इंद्रमणि की मौजूदा स्थिति और मामले से जुड़े कानूनी पहलुओं की जानकारी जुटा रहा है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि सऊदी अधिकारियों से विस्तृत और अद्यतन जानकारी मिलने के बाद मामले से जुड़े तथ्यों को परिवार और मीडिया के साथ साझा किया जाएगा। इस बीच, भारत लाल सागर में बढ़ते तनाव के बीच समुद्री सुरक्षा और क्षेत्र में शांति बहाली की जरूरत पर जोर दे रहा है।

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