मनीला में जुटे क्वाड देशों के विदेश मंत्री, हिंद-प्रशांत की सुरक्षा के लिए आसियान की भूमिका पर लगी मुहर

QUAD Meeting: फिलीपींस की राजधानी मनीला में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित हुई। भारत सहित चारों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और आसियान की केंद्रीय भूमिका को मजबूत करने का संकल्प लिया।
Quad foreign ministers gather in Manila; ASEAN's role in Indo-Pacific security reaffirmed.
क्वाड देशों के विदेश मंत्री, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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QUAD Foreign Ministers Meeting: फिलीपींस की राजधानी मनीला में बुधवार, 22 जुलाई 2026 को क्वाड समूह के विदेश मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस उच्च स्तरीय वार्ता में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के प्रतिनिधियों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय नियमों पर आधारित व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए चर्चा हुई।

बैठक का मुख्य केंद्र दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन 'आसियान' की एकता और इस क्षेत्र में इसकी केंद्रीय भूमिका के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दोहराना रहा।

बैठक में कौन-कौन हुए शामिल?

बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने शिरकत की। चारों देशों के राजनयिकों ने एक साझा स्वर में कहा कि वे आसियान के 'व्यापक रणनीतिक साझेदार' के रूप में क्षेत्र की समृद्धि और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं।

क्षेत्रीय चुनौतियों पर बना रोडमैप

बैठक के दौरान विदेश मंत्रियों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के समक्ष मौजूद वर्तमान चुनौतियों और भविष्य के अवसरों का बारीकी से विश्लेषण किया। इसमें विशेष रूप से 'आसियान आउटलुक ऑन द इंडो-पैसिफिक' को व्यावहारिक रूप से लागू करने पर सहमति बनी।

इसके तहत समुद्री सुरक्षा को पुख्ता करने, अंतरराष्ट्रीय अपराधों पर लगाम लगाने और महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में साझेदारी को नया विस्तार दिया जाएगा।

मानवीय सहयोग को मिलेगी रफ्तार

क्वाड देशों के साझा बयान में यह स्पष्ट किया गया कि समुद्री क्षेत्र में स्थिरता ही पूरे क्षेत्र की आर्थिक प्रगति की आधारशिला है। सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक समृद्धि, मानवीय सहायता और आपदा राहत जैसे महत्वपूर्ण मोर्चों पर भी आपसी समन्वय को मजबूत करने पर जोर दिया गया। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब आपूर्ति शृंखलाओं की मजबूती और क्षेत्रीय भू-राजनीतिक परिस्थितियां वैश्विक चर्चा के केंद्र में हैं।

खुले हिंद-प्रशांत का संकल्प

चारों देशों ने एक बार फिर 'मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत' के अपने दृष्टिकोण को साझा किया। बैठक में तय किया गया कि भविष्य में इन साझा प्राथमिकताओं को हासिल करने के लिए आसियान देशों के साथ क्वाड का तालमेल और अधिक गहरा किया जाएगा। इस बैठक के परिणाम हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और विकास की दिशा में एक नया मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।

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