पाकिस्तान के पूर्व आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा का निधन, एक महीने से अस्पताल में चल रहा था इलाज

Pakistan News: पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा का 65 वर्ष की आयु में निधन हो गया। बाथरूम में गिरने से लगी गंभीर चोटों के बाद वह अस्पताल में भर्ती थे।
Qamar Javed Bajwa Passed Away
पाकिस्तान के पूर्व आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Qamar Javed Bajwa Passed Away: पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा का शनिवार को निधन हो गया। वह 65 वर्ष के थे। हालांकि, इसे लेकर पाकिस्तान को ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जानकारी के मुताबिक, वह पिछले एक महीने से अस्पताल में भर्ती थे जहां उनका इलाज चल रहा था। लेकिन शनिवार को अचानक उनकी हालात ज्यादा नाजुक हो गई और इजाल के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

बताया जाता है कि फरवरी में अपने घर के बाथरूम में फिसलने से उन्हें गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उन्हें तुरंत रावलपिंडी मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चोट लगने के बाद उनकी हालत काफी नाजुक हो गई थी। उन्हें कई दिनों तक ICU में रखा गया और डॉक्टरों की टीम ने उनकी सर्जरी भी की।

गंभीर हालत में ICU में भर्ती

डॉक्टरों ने उनकी सर्जरी को सफल बताया था, लेकिन इसके बावजूद उनकी सेहत में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया। उनकी स्थिति पर लगातार विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम नजर बनाए हुए थी। जहां शनिवार को स्तिथी अचानक गंभीर हो गई जिसके चलते बाजवा का निधन हो गया।

सेना और राजनीति में प्रभावशाली भूमिका

कमर जावेद बाजवा 2016 से 2022 तक पाकिस्तान के सेना प्रमुख रहे। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्हें देश की राजनीति और सुरक्षा मामलों में प्रभावशाली व्यक्तित्व माना जाता था। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ उनके संबंध काफी चर्चित रहे। शुरुआत में दोनों के रिश्ते अच्छे बताए जाते थे, लेकिन बाद में उनके बीच मतभेद सामने आए और संबंध खराब हो गए।

सैनिकों द्वारा हमले का दावा

पाकिस्तानी मिडिया में बताया गया था कि बाजवा अपने बाथरूम में गिर गए थे जिसके चलते वो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हालांकि अमेरिकी अखबार CNN ने अपने खुफिया सूत्रों के हवाले से उनपर सैनिकों द्वारा हमला किए जाने का दावा किया था। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सूत्रों का यह भी कहना है कि यह हमला सेना के अंदरूनी मतभेदों और पुरानी रंजिशों से जुड़ा हो सकता है। जानकारी के मुताबिक, 2022 में उन्होंने ISI को कुछ अधिकारियों और उनके परिवारों को निशाना बनाने के आदेश दिए थे, जिन्होंने इमरान खान के तख्तापलट का विरोध किया था। दावा किया गया था यह हमला उन्हीं अधिकारियों के परिवारों या जूनियर कर्मियों ने किया था, जो बाजवा के आदेशों से प्रभावित हुए थे।

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