PoK में फिर भड़का विद्रोह! इस्लामाबाद तक पहुंची विरोध की आग, रावलकोट में सड़कों पर अवाम- VIDEO

PoK Protests: PoK के रावलकोट में हजारों लोगों ने बिजली कटौती, खराब इंटरनेट और पत्रकार सोहराब बरकत की रिहाई को लेकर पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
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पीओके में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन (सोर्स- सोशल मीडिया)
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PoK Protests Against Shehbaz Govt: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मंगलवार को स्थिती अचानक एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गई। रावलकोट में हजारों लोगों ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जुलूस निकालकर जमकर नारेबाजी की और पीओके में जारी बुनियादी समस्याओं पर अपना आक्रोश जाहिर किया। इस प्रदर्शन को देखते हुए पाकिस्तान प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और बड़ी संख्या में पुलिस, सेना तथा अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया था।  जानकारी के मुताबिक, यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से बिजली की अनुचित कटौती, खराब मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं और स्थानीय पत्रकार सोहराब बरकत की रिहाई की मांग को लेकर किया गया। जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के कोर मेंबर उमर नजीर कश्मीरी ने प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान सरकार और स्थानीय प्रशासन को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि पीओके के लोगों को लंबे समय से उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है।

क्या है प्रदर्शनकारियों की मांग?

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पीओके में बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन किया जाता है, लेकिन इसका लाभ पाकिस्तान सरकार द्वारा अन्य सूबों को दिया जाता है, जबकि स्थानीय लोगों को घंटों बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं बेहद खराब हैं, जिससे आम जनजीवन और व्यापार दोनों प्रभावित हो रहे हैं। लोगों ने मांग की कि इन सुविधाओं में तत्काल सुधार किया जाए।

प्रदर्शनकारियों ने पीओके सरकार को शाम 5 बजे तक का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आंदोलनकारियों ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर दो प्रमुख रास्तों को बंद किया जा सकता है, जिनमें एक ग्रिड स्टेशन की ओर जाने वाला मार्ग और दूसरा शाहराह-ए-गाजी मिल्लत शामिल है। इसके साथ ही पीओके के अन्य इलाकों के लोगों से भी इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई है।

पहले भी हुए थे प्रदर्शन

पीओके में सरकार के खिलाफ इस प्रकार का यह पहला प्रदर्शन नहीं है। 29 सितंबर 2025 को भी पीओके में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे। उस समय रावलकोट और मुजफ्फराबाद समेत कई इलाकों में लोगों ने बिजली कटौती, इंटरनेट बंदी और अधिकारों की मांग को लेकर पाकिस्तान सरकार व सेना के खिलाफ प्रदर्शन किया। सुरक्षा बलों से झड़पें हुईं, गोलीबारी में कई प्रदर्शनकारियों की मौत हुई और हालात गंभीर हो गए।

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