पाकिस्तान में हुई सबसे बड़ी चोरी! जज से लेकर मानवाधिकार आयोग तक हैरान, आप अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे

Pakistan Theft: पाकिस्तान से फिर ऐसी खबर आई है, जिसे सुनकर हंसी आ जाएगी। मामला लाहौर की एक अदालत का है। वहां चोर ने जज साहब के चैंबर में घुसकर वहां रखे दो सेब और हैंड वॉश की बोतल चुरा ली।
Pakistan biggest theft: Judges and Human Rights Commission shocked
जज चैंबल से सेब चोरी। इमेज-एआई
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Pakistan Unique Theft: पाकिस्तान में कुछ वर्षों से महंगाई काफी अधिक है। ऐसे में लाहौर के एक सत्र न्यायालय के जज के कक्ष से एक चोर ने दो सेब और हैंडवॉश की एक बोतल चुरा ली। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस्लामपुरा पुलिस थाने में जज के कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई। अधिकारी ने बताया कि उन्होंने जज के निर्देश पर शिकायत दर्ज कराई है। थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार 5 दिसंबर को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नूर मुहम्मद बसमल के कक्ष से दो सेब और हैंडवाश की एक बोतल चोरी हो गई।

चोरी गई वस्तुओं की कुल कीमत 1000 पाकिस्तानी रुपये है। लाहौर पुलिस ने पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 380 के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा चोरी से संबंधित है। इसके तहत दोषी पाए गए अपराधी को सात साल तक कारावास, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। एक मानवाधिकार कार्यकर्ता ने तंज कसते हुए मामले को पाकिस्तान के इतिहास का सबसे बड़ा चोरी का मामला बताया है।

महंगाई सातवें आसमान पर

दरअसल, पाकिस्तान में कई खाद्य सामग्रियों के दाम सातवें आसमान पर हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान में टमाटर का भाव 600 रुपये किलो हो गया है। अदरक के दाम 750 रुपये किलो पहुंच गया। ऐसे ही आटा, चावल और दाल आदि का दाम सातवें आसमान पर हैं। सिर्फ टमाटर, अदरक, चावल-दाल ही नहीं, बल्कि फलों के दाम भी सातवें आसमान पर पहुंच गए। यहां फलों के दाम इतने अधिक हैं कि आम लोग खरीदने के बारे में सोच नहीं सकते हैं। कई राज्यों में महीनों से फलों की आपूर्ति बंद है। यहां दिहाड़ी मजदूर कई चीजों को देख सकते हैं, लेकिन खरीद नहीं सकते।

अफगान सीमा बंद होने से हालात और बिगड़े

अफगान सीमा बंद और आर्थिक मंदी से परेशान पाकिस्तान पर चौतरफा मार पड़ी रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तानी रुपये की कीमत निचले स्तर पर पहुंच गई है। मौजूदा समय में पाकिस्तान का 1 रुपया भारत में केवल 0.32 पैसे के बराबर है। इन मुद्दों पर सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। सरकार पहले से ही चीन और अमेरिका से लाखों करोड़ रुपए के खर्च में डूबी हुई है।

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