

Iranian President Pezeshkian Meets President Droupadi Murmu: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने दिल्ली पहुंचे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय सहयोग और पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा हुई।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और ईरान के बीच संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
बैठक में द्विपक्षीय व्यापार, क्षेत्रीय सहयोग और दोनों देशों के साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। राष्ट्रपति पेजेश्कियन 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत की ऑफिशियल यात्रा पर पहुंचे हैं।
भारत पहुंचने पर शुक्रवार को नई दिल्ली के एयरपोर्ट पर केंद्रीय राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया था। उनकी यात्रा को भारत और ईरान के बीच संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राष्ट्रपति मुर्मु से मुलाकात से पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ द्विपक्षीय मीटिंग की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने समुद्री नेविगेशन और इंटरनेशनल ट्रेड की स्वतंत्रता की रक्षा को महत्वपूर्ण बताया।
पीएम मोदी ने समुद्री जलमार्गों पर जहाजों की सुगम आवाजाही के साथ नाविकों की सेफ्टी और उनके वेलफेयर को सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। बैठक में दोनों देशों के आपसी कोऑपरेशन और क्षेत्रीय परिस्थितियों से जुड़े विषयों पर भी बातचीत हुई।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति पेजेश्कियन की यह मुलाकात खास इसलिए भी रही क्योंकि दो सप्ताह से कम समय में दोनों नेताओं की यह दूसरी महत्वपूर्ण मीटिंग थी। इससे पहले दोनों नेता 31 अगस्त को बिश्केक में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान मिले थे।
इस मुलाकात में प्रधानमंत्री मोदी ने मुश्किल अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद ब्रिक्स से जुड़ी बैठकों में ईरान की रेगुलर पार्टिसिपेशन के लिए राष्ट्रपति पेजेश्कियन का आभार जताया था।
पीएम मोदी ने ग्लोबल साउथ के देशों के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन, कोऑपरेशन और स्टेबिलिटी को बढ़ावा देने में ब्रिक्स की क्षमता पर भी जोर दिया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत और ईरान के बीच मजबूत कल्चरल और सोशल रिलेशन हैं। दोनों देशों के बीच यह पार्टनरशिप ब्रिक्स के माध्यम से ग्लोबल साउथ की साझा समृद्धि और प्रगति में भी योगदान दे सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में हिस्सा लेने के लिए भी राष्ट्रपति पेजेश्कियन का धन्यवाद किया। भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि इंटरनेशनल समस्याओं का समाधान बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए होना चाहिए।
भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इस वर्ष भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और सम्मेलन की थीम “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” रखी गई है।
राष्ट्रपति पेजेश्कियन की भारत यात्रा और भारतीय नेतृत्व के साथ उनकी बैठकों से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ ब्रिक्स और ग्लोबल साउथ से जुड़े कोऑपरेशन को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।