Peru Plane Crash: पेरू में विमान हादसा! नाज्का में पर्यटकों को ले जा रहा प्लेन क्रैश, 13 की लोगों की मौत

Peru Plane Crash: पेरू में नाज्का लाइंस देखने जा रहा एक टूरिस्ट विमान क्रैश हो गया है। इस बहुत ही भयानक हादसे में सभी 13 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने जांच का काम शुरू कर दिया है।
Peru Plane Crash: Thirteen Tourists Dead As Small Aircraft Crashes Near Nazca Lines In Peru Updates 
पेरू विमान हादसा (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Peru Plane Crash Thirteen Tourists Dead As Small Aircraft Crashes Near Nazca Lines: दक्षिण अमेरिकी देश पेरू में शनिवार को एक बहुत ही बड़ा और दर्दनाक विमान हादसा हो गया है। पर्यटकों को विश्व प्रसिद्ध और प्राचीन नाज्का लाइंस दिखाने के लिए जा रहा एक छोटा टूरिस्ट विमान अचानक से आसमान में पूरी तरह क्रैश हो गया। इस भयंकर हादसे में प्लेन में सवार सभी 13 लोगों की मौके पर ही बहुत दर्दनाक और दुखद मौत हो गई है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने इस पूरे भयानक हादसे के सही कारणों का पता लगाने के लिए अपनी गहरी जांच बहुत ही तेजी से शुरू कर दी है।

स्थानीय पुलिस अधिकारी जॉर्ज एंड्रेड के अनुसार इस छोटे दुर्घटनाग्रस्त विमान में कुल 11 यात्री और 2 क्रू मेंबर उड़ान के लिए सवार थे। इस खौफनाक विमान हादसे में किसी के भी जीवित बचने की कोई भी सूचना अभी तक प्रशासन के सामने बिल्कुल नहीं आई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इस टूरिस्ट विमान ने पास के ही ईका शहर से अपनी सामान्य उड़ान के लिए टेक ऑफ किया था। यह विमान प्राचीन और विश्व धरोहर नाज्का लाइन्स के हवाई दर्शन के लिए आसमान में जा रहा था तभी यह अचानक बहुत ही बुरी तरह से क्रैश हुआ।

खेत में गिरा विमान

उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही नाज्का लाइन्स के पास यह विमान अचानक भयानक रूप से दुर्घटनाग्रस्त हो गया और सीधे एक खेत में जा गिरा। खेत में गिरते ही इस छोटे टूरिस्ट विमान में बहुत ही भीषण और भयानक आग लग गई जिससे वहां के हालात और भी ज्यादा खराब हो गए। आग इतनी ज्यादा भयानक और तेज थी कि स्थानीय प्रशासन के लिए वहां पर तत्काल राहत और बचाव कार्य करना बिल्कुल भी संभव नहीं हो सका।

नाज्का लाइंस का महत्व

विश्व प्रसिद्ध नाज्का लाइंस पेरू की एक बहुत ही प्राचीन और अद्भुत धरोहर है जिसे देखने के लिए दुनिया भर से पर्यटक भारी संख्या में यहां आते हैं। इनकी बहुत बड़ी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए यूनेस्को ने भी इसे एक बेहद अहम विश्व धरोहर स्थल घोषित किया हुआ है। इन अजीबोगरीब आकृतियों के बनाने की असली वजह आज भी पूरी दुनिया के तमाम वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए एक बहुत बड़ा और अनसुलझा रहस्य बनी हुई है।

रहस्यमयी हैं प्राचीन आकृतियां

तमाम विशेषज्ञों और जानकारों का साफ तौर पर मानना है कि इन आकृतियों का संबंध प्राचीन धार्मिक अनुष्ठान या फिर अंतरिक्ष की जटिल गणनाओं से हो सकता है। इसके अलावा यह भी माना जाता है कि इन रहस्यमयी आकृतियों का वहां की बहुत ही पुरानी संस्कृति से भी कोई बहुत ही गहरा और मजबूत जुड़ाव रहा हो। पिछले करीब 2000 सालों के लंबे समय से ये विशाल और प्राचीन आकृतियां आज भी इस जगह पर बहुत ही अच्छी तरह से सुरक्षित और साफ बनी हुई हैं।

सुरक्षित रहने का वैज्ञानिक कारण

इतने हजारों सालों तक इन आकृतियों के पूरी तरह से सुरक्षित रहने की सबसे बड़ी वजह यहां की विशेष और शुष्क जलवायु को मुख्य रूप से माना जाता है। इसके साथ ही इस खास इलाके में बारिश की भारी कमी के कारण भी ये रेखाएं आज तक बिल्कुल भी नहीं मिट पाई हैं और बहुत साफ दिखती हैं। पेरू सरकार के लिए यह दर्दनाक विमान हादसा बहुत बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि इस दुखद घटना से वहां के पर्यटन उद्योग पर बहुत ही बुरा असर पड़ सकता है।

हादसे की जांच हुई तेज

हादसे के तुरंत बाद विमानन विभाग के बड़े अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटना के सही कारणों का तकनीकी विश्लेषण करना पूरी तरह शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारी जॉर्ज एंड्रेड की देखरेख में मामले की जांच जारी है ताकि यह पता चल सके कि प्लेन के इंजन में तकनीकी खराबी थी या कोई अन्य वजह थी। फिलहाल पेरू सरकार ने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का पूरा भरोसा आम जनता को दिलाया है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com