पनामा नहर को लेकर ट्रंप की धमकी पर पनामा के राष्ट्रपति का आया बयान, दे दिया खरा-खरा जवाब
पनामा नहर को साल 1900 की शुरुआत में बनाया गया था। अमेरिका ने 1977 तक नहर पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। संधियों के बाद धीरे-धीरे ये क्षेत्र पनामा के नियंत्रण में जाता रहा।
- Written By: साक्षी सिंह
डोनाल्ड ट्रंप फोटो
वाशिंगटन: पनामा नहर को लेकर अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर पनामा के राष्ट्रपति का जवाब आया है। ट्रंप ने पनामा से कहा है कि या तो पनामा नहर से गुजरने वाले अमेरिकी जहाजों के लिए शुल्क कम करे। या फिर उसका नियंत्रण अमेरिका को सौंप दे। उन्होंने आरोप लगाया कि पनामा अमेरिकी जहाजों से ज्यादा शुल्क ले रहा है।
ट्रंप के इस बयान के बाद पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने प्रतिक्रिया दी। कहा कि नहर के आसपास का इलाका और हर स्क्वायर मीटर उनका है। राष्ट्रपति मुलिनो ने कहा कि पनामा की संप्रभुता और स्वतंत्रता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
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क्या है मामला
दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप का अगले महीने से कार्यकाल शुरू हो रहा है। इसी संदर्भ में उन्होंने बताया कि कार्यभार संभालने के बाद वो इस मामले में क्या करेंगे। ट्रंप ने कंजर्वेटिव एक्टिविस्ट ग्रुप टर्निंग पॉइंट यूएसए के समर्थकों के सामने पनामा को लेकर ये बयान दिया। उन्होंने रविवार को एरिजोना में अपने समर्थकों से कहा कि पनामा की तरफ से ली जा रही फीस अनुचित है। अब ये बंद हो जाएगा। बता दें इस ग्रुप ने 2024 के चुनाव अभियान में ट्रंप को समर्थन दिया था।
पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो
पनामा नहर का क्या है मामला
पनामा नहर को साल 1900 की शुरुआत में बनाया गया था। अमेरिका ने 1977 तक नहर पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। संधियों के बाद धीरे-धीरे ये क्षेत्र पनामा के नियंत्रण में जाता रहा। संयुक्त नियंत्रण के कुछ समय बाद साल 1999 में इस पर पनामा का ही नियंत्रण हो गया। यहां से हर साल 14 हजार मालवाहक जहाज गुजरते हैं।
