डोनाल्ड ट्रंप,आसिफ मर्चेंट (सोर्स- सोशल मीडिया)
Trump Assassination Plan: ब्रुकलिन की एक अमेरिकी अदालत ने पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश रचने के आरोप में दोषी ठहराया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, संघीय जिला न्यायालय ने मर्चेंट को आतंकवाद के प्रयास और हत्या की सुपारी देने के जुर्म में दोषी पाया। आरोपी पर आरोप था कि उसने ईरान के अधिकारियों के साथ मिलकर ट्रंप और अन्य प्रमुख अमेरिकी नेताओं को निशाना बनाने की योजना बनाई थी।
मर्चेंट ने अदालत में गवाही देते हुए दावा किया कि ईरानी खुफिया एजेंटों ने उसे इस साजिश में शामिल होने के लिए मजबूर किया। उसने कहा, “मेरे पास कोई विकल्प नहीं था। मेरे परिवार को धमकी दी गई थी।” मर्चेंट, जो एक पूर्व बैंकर है, ने कथित तौर पर दो गुप्त एफबीआई एजेंटों को 5,000 अमेरिकी डॉलर का भुगतान किया, यह सोचकर कि वे हत्यारे हैं।
न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, अप्रैल 2024 में एक ईरानी एजेंट ने मर्चेंट को अमेरिका जाने का निर्देश दिया ताकि वह “शायद किसी की हत्या करवा सके।” शुरुआती तौर पर किसी का नाम नहीं बताया गया था, लेकिन बाद में मर्चेंट ने कहा कि उसे तीन नाम बताए गए: डोनाल्ड ट्रंप, जो बाइडेन और निक्की हेली।
आरोप है कि मर्चेंट ने 2020 में डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान अमेरिका द्वारा ईरान के सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने की योजना बनाई थी। उसने अमेरिका में लोगों को भर्ती करने की कोशिश की और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए ईरान को प्रतिबंधों से बचाने में मदद करने का प्रयास किया। मर्चेंट ने अपने सहयोगी की पहचान मेहरदाद यूसुफी के रूप में की।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और इजरायल ईरान पर सैन्य हमले कर रहे हैं, और ईरान विभिन्न देशों में अमेरिकी संपत्तियों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई कर रहा है। इसी बीच, ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एक सम्मेलन में कहा कि अमेरिका ईरान में शानदार प्रदर्शन कर रहा है।
यह भी पढ़ें: भारतीय बहुत अच्छे एक्टर, रूस से तेल खरीदने पर US ने दिया बड़ा बयान, बोले- भारत ने वैसा किया जैसा हमने…
उन्होंने दावा किया कि ईरान की सेना, नौसेना और संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो चुकी है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के 32 जहाज समुद्र की तलहटी में चले गए हैं और उनके नेता और वायुसेना पूरी तरह समाप्त हो चुकी हैं। इस मुकदमे ने वैश्विक राजनीति में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताओं पर नया ध्यान खींचा है, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान के खिलाफ सक्रिय सैन्य अभियान चला रहे हैं।