कत्लेआम की तैयारी में मुनीर की फौज...ट्रंप ने दिया हमास को खत्म करने का आदेश, PAK का इंकार मुस्किल

Israel-Hamas War: पाकिस्तान अमेरिकी और इजरायली दबाव में गाजा में हमास के हथियार और लड़ाकों को नियंत्रित करने 20,000 सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है, इसे 'मानवीय पुनर्निर्माण' कहा जाएगा।
कत्लेआम की तैयारी में मुनीर की फौज...ट्रंप ने दिया हमास को खत्म करने का आदेश, PAK का इंकार मुस्किल
गाजा में 20,000 सैनिक भेजेगा पाकिस्तान (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Pakistani Army in Gaza: पाकिस्तान अब गाजा पट्टी में अपने सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने पाकिस्तान से कम से कम 20,000 सैनिक भेजने का अनुरोध किया है। इन सैनिकों का काम हमास के हथियारों को निष्क्रिय करना और उसके लड़ाकों को नियंत्रित करना होगा। अमेरिका की इस मांग को ठुकराना पाकिस्तान के लिए मुश्किल हो सकता है।

यह कदम पाकिस्तान के लिए बहुत विरोधाभासी माना जा रहा है। दशकों से पाकिस्तान हमास का समर्थन करता रहा है और उसके नेताओं के साथ मजबूत रिश्ते बनाए रखे हैं। लेकिन अब लगता है कि अमेरिका और इजरायल के दबाव में पाकिस्तान हमास के खिलाफ कार्रवाई करने को तैयार हो गया है

मोसाद चीफ से मिले आमिम मुनीर

इस महीने की शुरुआत में मिस्र में हुई एक बैठक में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने CIA और मोसाद के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक में तय हुआ कि पाकिस्तानी सैनिक गाजा में हमास के हथियारों और लड़ाकों को नियंत्रित करेंगे।

यह मामला पाकिस्तान के लिए संवेदनशील भी है क्योंकि कुछ हफ्ते पहले देश में इजरायल-हमास युद्धविराम को लेकर बड़े हिंसक प्रदर्शन हुए थे, जिसमें कई लोग मारे गए। पाकिस्तान अब तक इजरायल को मान्यता नहीं देता और हमेशा फिलिस्तीन के पक्ष में रहा है।

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इस योजना को 'मानवीय पुनर्वास और पुनर्निर्माण' के नाम पर पेश किया जाएगा, लेकिन असल मकसद गाजा में पाकिस्तानी सैन्य उपस्थिति और हमास के प्रभाव को कम करना है। इसमें इंडोनेशिया और अजरबैजान को सीमित शांति-स्थापना भूमिकाओं में शामिल किया जा सकता है।

इजरायल-पाकिस्तान के रिश्तों में बदलाव

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, पाकिस्तानी सैनिक गाजा में इजरायल और अन्य उग्रवादी समूहों के बीच सुरक्षा बल के रूप में काम करेंगे। वे सुरक्षा प्रदान करेंगे और गाजा के पुनर्निर्माण और प्रशासन को मजबूत करेंगे। इसके बदले में अमेरिका और इजरायल पाकिस्तान को बड़े आर्थिक पैकेज, विश्व बैंक ऋणों में छूट और खाड़ी देशों के माध्यम से वित्तीय मदद देने की पेशकश कर रहे हैं।

सियासी संकेतों में भी बदलाव दिख रहे हैं। पाकिस्तान ने अपने नए पासपोर्ट से वह लाइन हटा दी है जिसमें लिखा था कि यह पासपोर्ट इजरायल के लिए मान्य नहीं है। विशेषज्ञ इसे पाकिस्तान की इजरायल के प्रति नरमी का संकेत मान रहे हैं।

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