पाकिस्तान में पुलिस पर फिर आतंकी हमला, ड्यूटी पर जा रहे कांस्टेबल की गोली मारकर हत्या

Pakistan Terror Attack: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस कांस्टेबल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। ड्यूटी पर जाते समय अज्ञात हमलावरों ने घात लगाकर हमला किया।
Another terror attack on police in Pakistan; constable shot dead while on his way to duty.
पाकिस्तान पुलिस (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Terror Attack On Police Constable In Pakistan: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के अपर दक्षिण वजीरिस्तान जिले में अज्ञात हमलावरों ने एक पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी। ये घटना सरवेकाई क्षेत्र में हुई, जहां ड्यूटी पर जा रहे पुलिस कांस्टेबल को घात लगाकर निशाना बनाया गया।

मौके पर हुई मौत

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरवेकाई पुलिस थाने में तैनात कांस्टेबल मोले खान सराय इलाके में एक नाले के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। गंभीर रूप से घायल कांस्टेबल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया और चिकित्सा सहायता पहुंचने से पहले उनकी मौत हो गई।

हमलावरों की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए इलाके में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

सुरक्षा बल लगातार आतंकियों के निशाने पर

ये हमला ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे सीमावर्ती प्रांतों में पुलिस और सुरक्षा बलों पर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। बीते कुछ महीनों में कई सुरक्षाकर्मी आतंकी हमलों का शिकार हो चुके हैं।

15 जुलाई को भी हुए थे बड़े आतंकी हमले

इससे पहले 15 जुलाई को खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू और लोअर दीर जिलों में आतंकियों ने कई हमले किए थे। इन हमलों में दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी, जबकि 22 पुलिसकर्मियों समेत 26 लोग घायल हुए थे।

पुलिस स्टेशन उड़ाने की कोशिश

बन्नू जिले के मिरयाब पुलिस स्टेशन पर आतंकियों ने विस्फोटकों से भरे वाहन के जरिए हमला करने की कोशिश की थी। जिला पुलिस अधिकारी कैप्टन मोहम्मद फुरकान बिलाल के मुताबिक, हमलावर वाहन को पुलिस स्टेशन के भीतर ले जाना चाहते थे, लेकिन उससे पहले ही जोरदार विस्फोट हो गया और कई घंटों तक मुठभेड़ चली।

पुल उड़ाकर रोकी गई थी मदद

सूत्रों के अनुसार, आतंकियों ने हमले से पहले पुलिस स्टेशन की ओर जाने वाले क्षतिग्रस्त पुल को भी उड़ा दिया था, ताकि अतिरिक्त पुलिस बल और राहत टीमें समय पर मौके पर न पहुंच सकें। प्रतिबंधित संगठन इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया था कि हमले में करीब ढाई टन विस्फोटकों से भरे वाहन का इस्तेमाल किया गया।

लोअर दीर में भी चली थी घंटों मुठभेड़

इसी दिन लोअर दीर के हैदराय टॉप इलाके में भी सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच कई घंटों तक मुठभेड़ चली थी। इस दौरान दो पुलिसकर्मियों की मौत हुई थी और 16 अन्य घायल हुए थे। सुरक्षा एजेंसियों ने खुफिया सूचना के आधार पर तलाशी अभियान शुरू किया था, जिसके दौरान आतंकियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। देर रात तक चली कार्रवाई के बाद हालात पर काबू पाया गया।

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