Afghan Crackdown: पाकिस्तान के क्वेटा में अवैध अफगानों को घर किराए पर देने वाले 20 मकान मालिक गिरफ्तार
Illegal Afghan Residents: पाकिस्तान के क्वेटा में बिना दस्तावेजों के रह रहे अफगान नागरिकों को किराए पर मकान देने वाले मकान मालिकों को गिरफ्तार किया गया है और शरणार्थियों का निर्वासन जारी है।
- Written By: प्रिया सिंह
बलूचिस्तान अफगान प्रवासी (सोर्स-सोशल मीडिया)
Forced Deportation Of Afghan Refugees: पाकिस्तान के क्वेटा शहर में प्रशासन ने अवैध रूप से रह रहे विदेशियों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस द्वारा की जा रही इस अवैध अफगानों पर सख़्त कार्रवाई में कई लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। स्वाबी जिले और अन्य इलाकों में शरणार्थियों का ज़बरन निष्कासन का सिलसिला भी लगातार तेज कर दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय संगठनों को लिखे पत्रों में बिना दस्तावेज़ वाले Afghan शरणार्थियों का संकट और मानवाधिकारों से जुड़ी कई गंभीर चिंताएं जताई गई हैं।
मकान मालिकों की गिरफ्तारी
पाकिस्तान के क्वेटा में बिना दस्तावेज वाले अफगान नागरिकों को मकान किराए पर देने पर पुलिस ने सख्त एक्शन लिया है। इस मामले में 20 से अधिक मकान मालिकों और दुकानदारों को मंगलवार को गिरफ्तार करके मामले दर्ज किए गए हैं। अफगानिस्तान की खामा प्रेस के अनुसार, यह कार्रवाई मुख्य रूप से वर्तमान किराया कानूनों के उल्लंघन के खिलाफ की गई है।
प्रवासियों पर बढ़ता दबाव
इस हालिया कार्रवाई के दौरान सैकड़ों की संख्या में अवैध Afghan प्रवासियों की पहचान की गई और उन्हें गिरफ्तार किया गया। बलूचिस्तान में रहने वाले अफगान प्रवासियों का कहना है कि प्रशासन के इन नए प्रतिबंधों ने उनका जीवन बहुत कठिन बना दिया है। इन पाबंदियों के कारण शरणार्थियों को मकान, रोजगार और जीवन यापन के लिए जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है।
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सुविधाओं पर सख्त पाबंदी
एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने इस्लामाबाद और इसके आसपास के क्षेत्रों में अवैध नागरिकों को घर किराए पर देने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही प्रशासन ने बिना दस्तावेज वाले लोगों के लिए बिजली, पानी और मोबाइल सिम कार्ड जैसी बुनियादी सुविधाओं पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। इन कदमों से पाकिस्तान में रहने वाले प्रवासियों पर दबाव और अधिक बढ़ गया है और वे गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय संगठनों से गुहार
पिछले कुछ महीनों में अपनी बढ़ती गिरफ्तारियों और लगातार हो रहे उत्पीड़न को लेकर Afghan शरणार्थियों ने गहरी चिंता जताई है। शरणार्थियों ने अपने जबरन निर्वासन के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र और अन्य कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों को पत्र भी लिखे हैं। इन पत्रों में मानवाधिकारों की रक्षा करने और पाकिस्तान सरकार की इस कड़ी कार्रवाई को तुरंत रोकने की अपील की गई है।
स्वाबी में पुलिस छापेमारी
खैबर पख्तूनख्वा के स्वाबी जिले में 15 मार्च को पुलिस ने एक बड़ा अभियान चलाकर अवैध नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई की थी। पाकिस्तानी अखबार डॉन के अनुसार, इस छापेमारी के दौरान 300 से अधिक अवैध Afghan शरणार्थियों को हिरासत में ले लिया गया था। पुलिस ने सभी थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्रों में रहने वाले अवैध अफगानों का पूरा डेटा तैयार करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे।
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गिरफ्तारी और निर्वासन अभियान
सूत्रों के अनुसार, 15 मार्च को टोपी, रजाड़, छोटा लाहौर और अन्य इलाकों में चले अभियान में 341 Afghan गिरफ्तार किए गए। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और स्वाबी में रहने वाले सभी अवैध अफगानों को उनके देश वापस भेजा जाएगा। स्वाबी जिले में करीब 30 हजार अफगान शरणार्थी रहते हैं, जिनमें से ज्यादातर के पास वैध दस्तावेज मौजूद हैं।
