पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने सऊदी विदेश मंत्री को किया फोन (सोर्स- सोशल मीडिया)
Pakistan Ishaq Dar Saudi Arabia Taliban: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा बाद अब हिंसक सैन्य झड़प में तब्दील हो गया है। शुक्रवार को तड़के सीमा पर दोनों ने एक दूसरे पर भारी बमबारी की। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने दावा किया कि उसने पाकिस्तानी सेना के 15 चौकियों पर कब्जा कर लिया है और 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है।
वहीं, पाकिस्तान की ओर से दावा किया जा रहा है कि उसने अफगानिस्तान में मौजूद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है। जिसमें 130 से अधिक अफगान लड़ाकों की मौत हुई है। इसी बीच खबर आ रही है पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने अफगानिस्तान के साथ संघर्ष को कम करने के लिए सऊदी अरब और कतर का दरवाजा खटखटाया है।
सऊदी मीडिया के मुताबिक, पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान बिन अब्दुल्लाह को फोन किया है। उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने में मदद मांगी। बयान में तालिबान का नाम नहीं लिया गया, लेकिन माना जा रहा है कि यह बातचीत पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते टकराव को लेकर हुई है।
तालिबान का दावा है कि उसने जवाबी हमले में 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार दिया और कई चौकियों पर कब्जा कर लिया। उसने कुछ कथित वीडियो भी जारी किए हैं। वहीं पाकिस्तान का कहना है कि उसके हमलों में 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए और 200 से ज्यादा घायल हुए हैं।
दोनों देशों के बीच हालात डूरंड लाइन पर बहुत तनावपूर्ण हो गए हैं। तालिबान का कहना है कि उसने 19 पाकिस्तानी चौकियों को नष्ट कर दिया और भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जब्त किया। पाकिस्तान ने इन दावों को अलग तरीके से पेश किया और कहा कि उसकी सेना ने तालिबान को भारी नुकसान पहुंचाया है।
पाकिस्तान ने अपने सैन्य अभियान को ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ नाम दिया है। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि काबुल, पकतिया और कंधार में तालिबान के ठिकानों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने बताया कि 27 चौकियां नष्ट की गईं और 9 पर कब्जा कर लिया गया। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
Afghanistan says it has taken control of 15 Pakistani outposts following deadly border strikes that killed Afghans. Kabul’s response was swift- and loud.
Message to Pakistan: every strike will have consequences.🔥 pic.twitter.com/ES0dEIeQks — The Alternate Media (@AlternateMediaX) February 26, 2026
हाल ही में पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच एक रक्षा समझौता हुआ है। इसके तहत, पाकिस्तान पर हमला सऊदी अरब पर हमला माना जाएगा। इससे पहले सऊदी अरब की पहल पर तालिबान ने रमजान को ध्यान में रखते हुए कुछ पाकिस्तानी सैनिकों को रिहा भी किया था। अब माना जा रहा है कि पाकिस्तान फिर से चाहता है कि सऊदी अरब बीच-बचाव करे।
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अफगान मीडिया समूह हुर्रियत का दावा है कि पाकिस्तान ने सऊदी अरब के अलावा ओमान और कतर से भी मदद मांगी है। पाकिस्तान चाहता है कि ये देश अफगान तालिबान पर हमला रोकने का दबाव डालें।
Ans: पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान बिन अब्दुल्लाह से फोन पर बात कर क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम कराने और स्थिरता बहाल करने में सहयोग मांगा है।
Ans: तालिबान का कहना है कि उसने 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मारकर कई चौकियां नष्ट कीं। वहीं पाकिस्तान का दावा है कि उसके ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ में 133 तालिबान लड़ाके मारे गए और कई ठिकाने तबाह किए गए।
Ans: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत से विवाद सुलझाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ईरान शांति वार्ता में हर संभव मदद देने को तैयार है।