Pakistan Floods: बारिश से पाकिस्तान का बुरा हाल, इस्लामाबाद-रावलपिंडी में पोल खुली, जलभराव से प्रशासन पस्त

Pakistan Floods Crisis: पाकिस्तान के इस्लामाबाद-रावलपिंडी में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ को लेकर शेरी रहमान ने सरकार की तैयारियों, जल निकासी व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की विफलता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
Pakistan Floods Governance Failures
पाकिस्तान में बाढ़ से जलभराव(सोर्स- ANI)
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Pakistan Floods Governance Failures: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और उससे सटे रावलपिंडी में मूसलाधार मानसूनी बारिश के बाद पैदा हुई बाढ़ और जलभराव की स्थिति ने सरकारी तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की वरिष्ठ उपाध्यक्ष शेरी रहमान ने सरकार के आपदा प्रबंधन और कमजोर शहरी बुनियादी ढांचे की तीखी आलोचना की है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती अत्यधिक बारिश की घटनाओं के बावजूद शहरों को सुरक्षित बनाने के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं की गई। उन्होंने पूछा कि क्या पाकिस्तान वास्तव में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने के लिए तैयार है।

भारी बारिश ने इस्लामाबाद और रावलपिंडी में बढ़ाई मुश्किलें

मूसलाधार बारिश के बाद इस्लामाबाद और रावलपिंडी के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई। सड़कों और निचले इलाकों में पानी भरने से आम जनजीवन प्रभावित हुआ और शहरों की जल निकासी व्यवस्था की कमजोरियां सामने आ गईं।

शेरी रहमान ने कहा कि यह स्थिति केवल असामान्य बारिश का परिणाम नहीं है। इसके पीछे वर्षों से चली आ रही कमजोर शहरी योजना, खराब बुनियादी ढांचा और प्रशासनिक लापरवाही भी एक बड़ा कारण है।

अनियोजित निर्माण और जल निकासी मार्गों पर सवाल

पीपीपी नेता ने प्रमुख शहरों में तेजी से हो रहे अनियोजित शहरीकरण पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक जल निकासी मार्गों के आसपास बेतरतीब और बड़े निर्माण कार्यों ने पानी के सामान्य प्रवाह को प्रभावित किया है।

कई क्षेत्रों में कंक्रीट निर्माण बढ़ने के कारण बारिश का पानी जमीन में समाने के बजाय सड़कों और रिहायशी इलाकों में जमा हो जाता है। इसके साथ ही नालों और ड्रेनेज सिस्टम की समय पर सफाई नहीं होने से जलभराव की समस्या और गंभीर हो जाती है। रहमान ने जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखकर आधुनिक और टिकाऊ बुनियादी ढांचे में निवेश करने की जरूरत पर भी जोर दिया।

आपदा के बाद प्रतिक्रिया देने की नीति पर हमला

शेरी रहमान ने कहा कि पाकिस्तान में जलवायु आपदाओं के प्रति सरकारी रवैया अक्सर केवल नुकसान होने के बाद सक्रिय होता है। लोगों की जान जाने, घरों के नष्ट होने और संपत्ति के नुकसान के बाद ही नीति और तैयारियों पर चर्चा शुरू होती है।

उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल संकट के समय की जिम्मेदारी नहीं होना चाहिए। सरकार और स्थानीय प्रशासन को इसे अपनी नियमित नीतियों और विकास योजनाओं का स्थायी हिस्सा बनाना होगा।

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ड्रेनेज नीति और पूर्व चेतावनी प्रणाली की मांग

पीपीपी नेता ने केंद्र और प्रांतीय सरकारों से एक-दूसरे पर दोषारोपण करने के बजाय संयुक्त और दीर्घकालिक नीति तैयार करने की अपील की। उन्होंने बरसाती नालों की नियमित सफाई और ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की मांग की।

शेरी रहमान ने घनी आबादी वाले शहरों में आधुनिक पूर्व चेतावनी प्रणालियां स्थापित करने पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि आने वाले समय में अत्यधिक बारिश और जलवायु संबंधी आपदाएं और गंभीर हो सकती हैं।

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