ब्रह्मोस को टक्कर! पाकिस्तान ने टेस्ट किया फतेह-II मिसाइल, 2.5 मैक की स्पीड...400KM रेंज, जानें और क्या है खास

Pakistan Fatah-II Missile: पाकिस्तान ने स्वदेशी 'फतेह-II' मिसाइल सिस्टम का सफल परीक्षण किया। 400 किमी रेंज और सटीक मारक क्षमता वाली इस मिसाइल को भारत की ब्रह्मोस के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।
Pakistan Test Fatah-II Missile
सांकेतिक तस्वीर
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Pakistan Test Fires Fatah-II Missile: पाकिस्तान ने अपने फतेह-II (Fatah-II) मिसाइल सिस्टम का सफल परीक्षण करने का दावा किया है। यह जानकारी मंगलवार (28 अप्रैल 2026) को पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी बयान में दी गई। सेना के अनुसार इस परीक्षण को आर्मी रॉकेट फोर्स ने अंजाम दिया। पाकिस्तान इसे भारत के ब्रह्मोस मिसाइल के जवाब की तरह पेश कर रहा है।

पाकिस्तानी सेना ने बताया कि इस लॉन्च का मुख्य उद्देश्य सैनिकों को प्रशिक्षण देना और सिस्टम की परिचालन क्षमता का परीक्षण करना था। इसके तहत यह जांचा गया कि मिसाइल के सभी तकनीकी और नेविगेशन सिस्टम सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं। साथ ही इसकी सटीकता, नियंत्रण प्रणाली और सुरक्षा प्रदर्शन का भी मूल्यांकन किया गया।

कितनी खतरनाक है फतेह-II?

फतेह-II एक गाइडेड मल्टी-लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) है, जिसे पाकिस्तान ने स्वदेशी रूप से विकसित किया है। इसे एक साथ कई रॉकेट दागने और लक्ष्य तक सटीक मार्गदर्शन के साथ पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है। जानकारी के मुताबिक इसकी अनुमानित मारक क्षमता करीब 400 किलोमीटर बताई जाती है। यह मिसाइल उड़ान के दौरान अपने रास्ते को नियंत्रित कर सकती है, यानी ये बीच रास्ते से अपना रास्ता बदल सकती है।  जिससे यह अपेक्षाकृत अधिक सटीक हमला करने में सक्षम मानी जाती है। रिपोर्टों के अनुसार इसकी सटीकता लगभग 10 मीटर के दायरे तक बताई जा रही है।

फतेह-II की तकनीकी विशेषताएं

इस सिस्टम में आधुनिक फ्लाइट कंट्रोल और नेविगेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह उड़ान के दौरान दिशा बदलने की क्षमता रखता है। इसे मोबाइल ट्रक लॉन्चर से दागा जा सकता है, जिससे इसकी तैनाती और मूवमेंट आसान हो जाता है।

फतेह-II को फतेह-I का उन्नत संस्करण माना जाता है। इसे मुख्य रूप से सैन्य लक्ष्यों जैसे एयरबेस, रडार सिस्टम और अन्य रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाने के लिए विकसित किया गया है।

पाकिस्तानी आर्मी को मिलेगी ताकत

पाकिस्तान के अनुसार यह परीक्षण उसकी आर्मी रॉकेट फोर्स की क्षमताओं को मजबूत करने और नए सिस्टम की विश्वसनीयता जांचने के लिए किया गया। यह विकास क्षेत्रीय सैन्य संतुलन और आधुनिक मिसाइल तकनीक के विस्तार के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। इससे पाक सेना को और ताकतवर बनाने में मदद मिलेगी।