पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर (सोर्स-सोशल मीडिया)
Punjab Police Slam Pakistan ISI: नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर भारत के खिलाफ अपनी पुरानी और आक्रामक बयानबाजी शुरू कर दी है। सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने क्षेत्रीय अखंडता के नाम पर भारत को ‘निर्णायक प्रतिक्रिया’ देने की गीदड़ भभकी दी है। पाकिस्तानी जनरल के इस बयान के तुरंत बाद भारतीय सुरक्षा बलों और पंजाब पुलिस ने उनके दावों की पोल खोलते हुए करारा जवाब दिया है। भारत ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक विफलताओं और बलूचिस्तान के विद्रोह से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगा रहा है।
रावलपिंडी में एक कार्यशाला के दौरान जनरल मुनीर ने दावा किया कि पाकिस्तान की सीमा का उल्लंघन होने पर वे ठोस कार्रवाई करेंगे। उन्होंने बिना किसी सबूत के भारत पर बलूचिस्तान में हिंसा भड़काने और विकास कार्यों को रोकने का आरोप मढ़ा है। मुनीर का यह बयान बलूचिस्तान में बढ़ते आंतरिक विद्रोह और पाकिस्तानी सेना की विफलताओं को छिपाने की एक नाकाम कोशिश माना जा रहा है।
मुनीर की धमकियों के बीच पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की काली करतूतों का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ड्रोन के जरिए हथियार और गोला-बारूद भेजकर पंजाब की शांति भंग करने की कोशिश कर रहा है। ISI का मुख्य उद्देश्य ग्रेनेड हमलों जैसी घटनाओं के जरिए पंजाब को एक अशांत राज्य के रूप में वैश्विक मंच पर पेश करना है।
डीजीपी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से लगातार हथियारों की सप्लाई की जा रही है। इन साजिशों के सूत्रधार केवल पाकिस्तान में ही नहीं बल्कि उत्तरी अमेरिका, यूरोप और खाड़ी देशों में बैठकर पंजाब को दहलाने की योजना बना रहे हैं। भारतीय सुरक्षा बल सीमा पार से रची जा रही इन तमाम आतंकी साजिशों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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भारतीय पुलिस और सैन्य बलों ने स्पष्ट किया है कि जनरल मुनीर की आक्रामकता का जवाब उसी की भाषा में दिया जा रहा है। पंजाब पुलिस ने हाल के दिनों में कई ड्रोन और हथियारों की खेप पकड़कर ISI के मंसूबों को नाकाम किया है। पाकिस्तान अपनी हताशा में अब सीमावर्ती थानों और नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाने की फिराक में है, जिसे भारतीय जवान सफल नहीं होने देंगे।
पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने बलूचिस्तान के हालातों के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि वहां की जनता स्वयं पाकिस्तानी सैन्य दमन के खिलाफ सड़कों पर है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने कई बार पाकिस्तानी सेना पर बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी और नरसंहार के आरोप लगाए हैं। मुनीर के पास अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं है, जो उनकी बातों को महज एक राजनीतिक प्रोपेगेंडा बनाता है।