आसिम मुनीर, प्रिंस खालिद बिन सलमान (सोर्स- सोशल मीडिया)
Asim Munir Khalid Bin Salman Meeting: मिडिल ईस्ट में जारी जंग की आंच अब दुनिया के दूसरे देशों पर भी पड़ने लगी है। इसी बीच पाकिस्तान के आर्मी चीफ और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान से मुलाकात की है। जानकारी के मुताबिक, इस मुलाकात का उद्देश्य मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और रक्षा संबंधी चिंताओं पर चर्चा करना था।
प्रिंस खालिद ने शनिवार सुबह सोशल मीडिया पर लिखा कि दोनों पक्षों ने ईरानी हमलों को रोकने के लिए अपने जॉइंट स्ट्रेटेजिक डिफेंस एग्रीमेंट के तहत जरूरी कदमों पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतें क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करती हैं और उम्मीद जताई कि ईरान समझदारी से काम करेगा और गलत अनुमान से बचेगा।
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया, जिसके बाद ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में कई जगहों पर हमले किए। तेहरान ने अमेरिकी और इजरायली मिलिट्री एसेट्स को भी निशाना बनाया, जिससे अरब खाड़ी प्रायद्वीप में नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित हुई और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने का खतरा बढ़ा। ईरान ने विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट और ऊर्जा शिपिंग मार्गों को निशाना बनाया।
Met with Pakistan’s Chief of Army Staff and Chief of Defense Forces, Field Marshal Asim Munir. We discussed Iranian attacks on the Kingdom and the measures needed to halt them within the framework of our Joint Strategic Defense Agreement. We stressed that such actions undermine… pic.twitter.com/OuELnf9LU6 — Khalid bin Salman خالد بن سلمان (@kbsalsaud) March 7, 2026
सऊदी डिफेंस मिनिस्ट्री ने बताया कि शनिवार को एम्प्टी क्वार्टर में स्थित शायबा ऑयल फील्ड पर हमला करने वाले कई ड्रोन मार गिराए गए। मंगलवार को रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमले की घटना हुई, जिसमें मामूली आग लगी, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।
सऊदी अरब और पाकिस्तान ने पिछले साल सितंबर में एक स्ट्रेटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए, जिसमें यह तय किया गया कि किसी एक देश पर हमला दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। इस समझौते के तहत दोनों देशों ने आपसी सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मजबूत किया।
इसी बीच, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने बताया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी सरकार से ऊर्जा आपूर्ति और कच्चे तेल की निरंतर उपलब्धता को लेकर बातचीत की है। पाकिस्तान की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पीएनएससी के दो जहाज यानबू और फुजैराह बंदरगाहों की ओर भेजे गए हैं।
यह भी पढ़ें: ट्रंप का ईरान को कड़ा संदेश: ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण ही एकमात्र रास्ता’, सैन्य ताकत हुई पूरी तरह ध्वस्त
इसके अलावा, सऊदी कंपनी अरामको ने आश्वासन दिया है कि बड़े जहाज उपलब्ध कराकर यानबू से तेल भरकर पाकिस्तान के जलक्षेत्र तक पहुंचाया जाएगा, ताकि पीएनएससी के जहाजों के जरिए रिफाइनरियों को लगातार कच्चा तेल मिल सके।