पाकिस्तान और अफगानिस्तान संघर्ष (सोर्स- सोशल मीडिया)
Pakistan Afghanistan Border War 2026: डूरंड लाइन पर एक बार फिर से बारूद की गंध फैल गई है और शांति की उम्मीदें धुंधली पड़ती दिख रही हैं। शनिवार की सुबह जब दुनिया सो रही थी, तब सरहद पर गोलियों की गूंज ने खौफ पैदा कर दिया। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह संघर्ष अब एक “खुली जंग” का रूप ले चुका है जिससे सीमावर्ती इलाकों में दहशत है। पाकिस्तान अफ़गानिस्तान बॉर्डर वॉर के इस दौर में दोनों देशों के मासूम नागरिक भी इस तनाव के साये में जीने को मजबूर हैं।
पक्तिया के तारवा जिले में शनिवार सुबह तीन बजे से ही भारी गोलाबारी शुरू हो गई जिसने सीमा पर रहने वाले मासूम लोगों को गहरी नींद से जगा दिया। रिपोर्ट के मुताबिक अफगान सेना ने मीरानशाह, खैबर पख्तूनख्वा और उत्तरी वजीरिस्तान में पाकिस्तानी सेना की चौकियों पर जबरदस्त हवाई हमले किए हैं। इस अचानक हुए संघर्ष ने सरहद पर बसे गांवों की शांति को पूरी तरह से भंग कर दिया है और स्थानीय लोग अब अपने घरों को छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं।
पाकिस्तानी सेना ने इस हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ की शुरुआत कर दी है जिसके तहत वे तालिबान के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। सुरक्षा बलों का दावा है कि उन्होंने अब तक तालिबान की 8 नई चौकियों को पूरी तरह से मलबे में तब्दील कर दिया है और दुश्मन के लड़ाके पीछे हटने पर मजबूर हुए हैं। हवा और जमीन दोनों तरफ से हो रहे इन भीषण हमलों ने इस पूरे सीमावर्ती इलाके को एक जलते हुए युद्ध के मैदान में तब्दील कर दिया है।
इस खूनी संघर्ष में पाकिस्तान ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसके हमलों में 270 से अधिक तालिबान लड़ाके मारे गए हैं और 400 से ज्यादा घायल हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद का कहना है कि उन्होंने भी अपनी जवाबी कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है। दावों और प्रति-दावों के बीच इंसानी जानों का यह भारी नुकसान दोनों ही देशों के लिए एक बड़ी मानवीय त्रासदी के रूप में उभर कर सामने आ रहा है।
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2,611 किलोमीटर लंबी इस डूरंड लाइन को लेकर विवाद दशकों पुराना है जिसे अफगानिस्तान की सरकार आधिकारिक तौर पर कभी भी मान्यता नहीं देना चाहती है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अब धैर्य टूटने की बात कहते हुए ‘दमा दम मस्त कलंदर’ की चेतावनी के साथ खुली जंग का ऐलान कर दिया है। सरहद की यह काल्पनिक लकीर आज फिर से बेगुनाह लोगों और सैनिकों के खून से लाल हो रही है और फिलहाल दोनों तरफ से सुलह की कोई गुंजाइश नहीं दिखती।