'ये डायन बन चुकी है...' PoJK नेता ने आजाद कश्मीर पर पाकिस्तान सरकार की खोल दी सच्चाई, देखें VIDEO

PoK Protests News: आवामी एक्शन कमेटी (PoJK) के प्रमुख शौकत नवाज़ मीर ने आरोप लगाया है कि आम जनता की आवाज़ को दबाया जा रहा है और मीडिया को भी चुप करा दिया गया है।
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PoJK नेता ने पाकिस्तान सरकार और सेना पर साधा निशाना, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Pakistan News Hindi: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। स्थानीय नागरिक लगातार पाक सरकार के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। आवामी एक्शन कमेटी (PoJK) के प्रमुख शौकत नवाज़ मीर ने पाकिस्तान सरकार और सेना पर जनता का दमन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने पाकिस्तान सरकार की तुलना डायन से करते हुए कहा कि 'तथाकथित आजाद कश्मीर बिल्कुल भी आज़ाद नहीं है।'

मीर ने यह भी याद दिलाया कि कैसे जनरल असीम मुनीर ने पहलगाम हमले से पहले हिंदुओं को काफिर कहा था। उनके अनुसार पाकिस्तान दूसरों पर अत्याचार के आरोप लगाता है, लेकिन अपने ही क्षेत्र POK में जनता पर बर्बर अत्याचार कर रहा है। यही वजह है कि PoK में विरोध प्रदर्शन लगातार जारी हैं।

आम लोगों की दबाई जा रही आवाज

शौकत नवाज मीर ने कहा कि पाकिस्तान की सेना अपने ही नागरिकों पर हिंसा कर रही है। उन्होंने बताया कि आम लोगों की आवाज दबाई जा रही है और मीडिया को चुप कराया जा रहा है। मीर ने सवाल उठाया कि जो फौज अपने ही नागरिकों को मार रही है, वह उन्हें कैसे प्रतिनिधित्व कर सकती है।

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अपने हालात देखे बिना भारत पर आरोप

शौकत नवाज मीर ने कहा कि पाकिस्तान सरकार हमेशा भारत पर आरोप लगाती है, लेकिन खुद की गलतियों और हालात को नजरअंदाज करती है। मीर ने कहा कि भारत सरकार तो गैर-मुस्लिम (काफिर) है, लेकिन पाकिस्तान खुद मुसलमान होते हुए अपने ही लोगों पर गोली चला रहा है।

POK में आज़ाद कश्मीर सिर्फ नाम की बात

मीर ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आजादी नाम मात्र की है। यहां सरकार विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए मीडिया और इंटरनेट तक बंद कर देती है। लोग खुलकर अपनी बात नहीं कह सकते, जिससे यह साफ दिखता है कि 'आज़ाद कश्मीर' कहना सिर्फ दिखावा है।

हिंसक प्रदर्शन में दर्जनों नागरिक घायल और मृत

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बुधवार को सरकार विरोधी प्रदर्शन हिंसक हो गए। बाग जिले के धीरकोट में कम से कम चार लोग मारे गए, मुजफ़्फ़राबाद में दो और मीरपुर में दो लोगों की मौत हुई। इसके अलावा 200 से अधिक लोग घायल हुए और झड़पों में तीन पुलिसकर्मी भी मारे गए जबकि नौ से अधिक घायल हुए।

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