बंगाल में पकड़े गए उस्मान हादी के हत्यारे, मेघालय बॉर्डर से आए थे भारत, मौका मिलते की लौटने की थी तैयारी

Osman Hadi Murder Case: पश्चिम बंगाल STF ने बांग्लादेशी नागरिक राहुल और आलमगीर को उस्मान हादी हत्या मामले में बोंगांव से गिरफ्तार किया। हादी, इंकलाब मंच के नेता, 2025 में ढाका में मारे गए थे।
West Bengal Police Arrest 2 Suspects of Osman Hadi Murder
उस्मान हादी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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West Bengal Police Arrest 2 Suspects of Osman Hadi Murder: बांग्लादेश के छात्र नेता और राजनीतिक कार्यकर्ता उस्मान हादी की हत्या के मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ी कार्रवाई की है। STF ने  दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो दोनों बांग्लादेश के नागरिक हैं। आरोपियों को उत्तर 24 परगना जिले के सीमावर्ती शहर बोंगांव से पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल उर्फ फैसल करीम मसूद (37) और आलमगीर हुसैन (34) के रूप में हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार, मसूद पाटुआखाली का और आलमगीर ढाका का निवासी है। दोनों को 7 और 8 मार्च की रात के बीच गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी पहले बांग्लादेश में हत्या और रंगदारी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल थे। इसके बाद वे भारत में अवैध रूप से प्रवेश कर गए। मेघालय सीमा के रास्ते भारत में आने के बाद वे अलग-अलग जगहों से होते हुए अंततः बोंगांव पहुंचे। STF के अनुसार, उनका इरादा मौका मिलने पर बांग्लादेश लौटने का था, लेकिन वे इस योजना में सफल नहीं हो पाए।

पुलिस को मिले कई सबूत

छापेमारी के दौरान पुलिस को कई सबूत भी मिले। दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। रविवार को कोर्ट ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया। इससे पहले, बांग्लादेश में इंकलाब मंच के छात्र नेता और प्रवक्ता उस्मान हादी पर 12 दिसंबर 2025 को ढाका में गोलीबारी की गई थी। गंभीर रूप से घायल हादी को इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, जहां 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई।

कौन था उस्मान हादी?

उस्मान हादी का नाम प्रमुख रूप से शेख हसीना सरकार के विरोध में हुए प्रदर्शनों के कारण चर्चा में आया। हादी इन प्रदर्शनों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे और इसी कारण उनकी पहचान बनी। इसके अलावा, हादी हाल ही में हुए बांग्लादेश के चुनाव में भी भाग लेने वाले थे, लेकिन उनकी हत्या चुनाव से पहले ही कर दी गई।

हादी बांग्लादेश में हसीना सरकार के विरोधी मंच, इंकलाब मंच के सदस्य थे। उनकी हत्या के बाद पूरे देश में हिंसा फैल गई और कई तरह के आरोप लगे। हादी की सक्रियता और राजनीतिक कदमों के कारण ही उन्हें लक्षित किया गया माना जा रहा है। इस घटना ने बांग्लादेश की राजनीतिक और सामाजिक स्थिति पर गहरा असर डाला है और दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी से इस मामले में जांच को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। 

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