

Om Shanti in UN: अमेरिका के न्यूयार्क शहर में इस समय संयुक्त राष्ट्र महासभा का 80वां सत्र जारी है। इस दौरान इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो में अपने भाषण के दौरान पूरी दुनिका ध्यान अपनी ओर खिंचा। प्रबोवो सुबिआंतो ने अपने भाषण की शुरुआत और अंत संस्कृत के अभिवादनों के साथ किया। उन्होंने सभी देशों को आपसी दुश्मनी भूलाकर एकजुटता का संदेश दिया।
प्रबोवो सुबिआंतो ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में भाषण दिया। इस दैरान उन्होंने दुनिया के विश्व के नेताओं का अभिवादन करते हुए “ओम स्वास्तिअस्तु” कहा, जिसका उपयोग इंडोनेशिया में हिंदू-बहुल बाली द्वीप में किया जाता है। इस शब्द का मतलब “आप धन्य और सुरक्षित रहें”। इसके अलावा उन्होंने अपना भाषण "ओम शांति शांति, शांति ओम" के साथ-साथ अन्य धर्मों के मंत्रों के साथ खत्म किया।
प्रबोवो सुबिआंतो ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में बोलते हुए कहा कि, मुस्लिम, यहूदी, ईसाई, हिंदू, बौद्ध, और सभी धर्मों को मानने वाले लोगों को एक परिवार की तरह एक साथ रहना चाहिए। उन्होंने कहा इंडोनेशिया इस नजरिए को वास्तविकता में परिवर्तित करने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है।
सुबिआंतो ने अपने भाषण के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से संयुक्त राष्ट्र पर किए गए उन हमलों का भी जवाब दिया। जिसमें ट्रंप ने कहा था कि संयुक्त राष्ट्र के पास ताकत होने के बाद भी बस वह एक मूकदर्शक बना रहता है। उन्होंने कहा आजादी के लिए उनके संघर्ष और बीमारी, भूख और गरीबी को दूर करने की लड़ाई में संयुक्त राष्ट्र इंडोनेशिया के साथ खड़ा था और उसे महत्वपूर्ण सहायता दी। सुबिआंतो ने कहा कि यहां लिए गए फैसलों ने इंडोनेशिया को अंतरराष्ट्रीय वैधता दी।
इंडोनेशियाई राष्ट्रपति ने अमेरिका या ट्रंप का नाम लिए बिना जमकर उनकी आलोचना की। उन्होंने तमाम देशों और संस्थानों दी गई धमकी का जिक्र करते हुए कहा कि कोई भी एक देश पूरे मानव परिवार को धमकी नहीं दे सकता। उन्हें इसे एक गैर जिम्मेदाराना कृत बताया। सुबिआंतो का इशारा ट्रंप द्वारा टैरिफ और अपनी बात मनवाने के लिए विश्व प्रख्यात हावर्ड यूनिवर्सिटी को धमकी देने जैसे मामलों की तरफ था।