ईरान की नोबेल विजेता नरगिस मोहम्मदी की हालत नाजुक, जेल में कार्डियक क्राइसिस के बाद अस्पताल में भर्ती

Narges Mohammadi Hospitalized: ईरान की जेल में बंद नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को गंभीर हृदय समस्या और बार-बार बेहोशी के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
Iran's Nobel Laureate Narges Mohammadi in Critical Condition; Hospitalized After Suffering Cardiac Crisis in Prison
नरगिस मोहम्मदी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Narges Mohammadi Hospitalized Cardiac Crisis: ईरान की जेल में बंद मशहूर मानवाधिकार कार्यकर्ता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी की तबीयत अचानक और गंभीर रूप से बिगड़ गई है। मिली जानकारी के अनुसार, उन्हें 'कार्डियक क्राइसिस' के बाद तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर नहीं बताई जा रही है जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।

जेल में दो बार हुईं बेहोश

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नरगिस मोहम्मदी की तबीयत अचानक से बिगड़ गई। अस्पताल ले जाने से पहले वो दो बार बेहोश हो गई थीं। जेल के डॉक्टरों को जब लगा कि उनका इलाज वहां संभव नहीं है तो वो उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ ईरान के जांजान शहर के एक अस्पताल में शिफ्ट किया। उनकी सेहत को लेकर डॉक्टरों ने यह भी कहा कि बेहतर इलाज के लिए उन्हें जल्द ही राजधानी तेहरान के किसी बड़े अस्पताल में भेजना पड़ सकता है।

पहले भी हो चुकी है तीन बार एंजियोप्लास्टी

नरगिस मोहम्मदी की सेहत काफी समय से खराब चल रही है। उन्हें पिछले कुछ समय से हाई बीपी, बार-बार उल्टी आना और बेहोश होने जैसी गंभीर समस्याएं हो रही थीं। सूत्रों के अनुसार, उनकी तीन बार दिल की सर्जरी (एंजियोप्लास्टी) भी हो चुकी है जिससे यह पता चलता है कि उनका दिल बहुत कमजोर है।

नरगिस मोहम्मदी को क्यों मिला नोबेल पुरस्कार?

नरगिस मोहम्मदी को साल 2023 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्हें यह सम्मान ईरान में महिलाओं के दमन के खिलाफ उनकी लड़ाई और फांसी की सजा के खिलाफ उनके लंबे अभियान के लिए दिया गया था। गौरतलब है कि जब उन्हें यह पुरस्कार मिला तब भी वह जेल में ही थीं और फिलहाल वह साढ़े सात साल की एक नई सजा काट रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिहाई की मांग तेज

नरगिस की बिगड़ती हालत को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी रिहाई के लिए दबाव बढ़ गया है। मानवाधिकार संगठनों और नोबेल कमेटी ने ईरान सरकार से मानवीय आधार पर उनके खिलाफ सभी मामले खत्म करने और उन्हें उचित चिकित्सा उपचार के लिए तुरंत रिहा करने की अपील की है। फिलहाल सबकी नजरें उनके स्वास्थ्य अपडेट पर टिकी हुई हैं।

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