बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को सैन्य कार्रवाई की धमकी दी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Benjamin Netanyahu Warn Iran: ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता के प्रयासों के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि ईरान को लेकर इजरायल और अमेरिका के लक्ष्य पूरी तरह एक समान हैं। नेतन्याहू के अनुसार अमेरिका लगातार इजरायल को ईरान से जुड़ी कूटनीतिक बातचीत की जानकारी दे रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियारों से पूरी तरह दूर रखना है।
उन्होंने कहा कि इजरायल और अमेरिका चाहते हैं कि ईरान से समृद्ध यूरेनियम हटाया जाए और उसकी यूरेनियम संवर्धन क्षमता पूरी तरह समाप्त हो। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रणनीतिक समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखना भी आवश्यक है, क्योंकि यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
बेंजामिन नेतन्याहू ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि स्थिति बिगड़ती है तो इजरायल ईरान पर दोबारा सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा संघर्ष का अंत कैसे होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है और सभी संभावनाएं खुली हैं। यह बयान उस अस्थिर संघर्षविराम के बीच आया है जो सीमित समय के लिए लागू बताया जा रहा है।
इस बीच हिजबुल्लाह के साथ तनाव का भी उल्लेख किया गया। नेतन्याहू ने कहा कि इजरायली सेना लगातार कार्रवाई कर रही है और उत्तरी सीमा पर सुरक्षा बनाए रखने के लिए तैयार है। उन्होंने दक्षिणी लेबनान के बिंत ज्बील क्षेत्र में चल रहे सैन्य अभियानों का जिक्र किया, जिसे हिजबुल्लाह का एक महत्वपूर्ण गढ़ माना जाता है।
नेतन्याहू ने आगे कहा कि उन्होंने इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) को निर्देश दिया है कि दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा घेरा बढ़ाया जाए और इसे रणनीतिक रूप से और मजबूत किया जाए। इसके अलावा उन्होंने माउंट हर्मन तक सुरक्षा दायरा बढ़ाने की बात कही, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में बेहतर नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
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उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका की मध्यस्थता में लेबनान के साथ बातचीत चल रही है, जिसका उद्देश्य हिजबुल्लाह का निरस्त्रीकरण और स्थायी शांति स्थापित करना है। यह वार्ता दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण कूटनीतिक बदलाव का संकेत मानी जा रही है।