

Nepal Flash Flood: नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया। बताया जा रहा है कि तिब्बत की ओर से आई इस अचानक बाढ़ में कम से कम 1000 लोग बह गए हैं। बाढ़ का पानी बाजारों, सड़कों, पुलों और जलविद्युत परियोजनाओं में घुस गया। कई वाहन और सामान तेज पानी में बह गए।
जिला पुलिस कार्यालय के अनुसार, तिमुरे बाजार में सुबह करीब 9 बजे अचानक बाढ़ आई। कुछ ही समय में नदी का पानी तेजी से बढ़ने लगा और आसपास के निचले इलाकों में भर गया। अधिकारियों ने बताया कि नदी किनारे बने कई घर, दुकानें और अन्य प्रतिष्ठान प्रभावित हुए हैं। कई हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट बह गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, घटना में करीब 1000 लोगों के बहने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय मीडिया ने जानकारी दी है कि घटना में 30 पुलिसकर्मी भी लापता हैं। राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं।
नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ से मची तबाही के बीच प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन को लेकर आपात बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री के सलाहकार असीम शाह के मुताबिक, बालेंद्र शाह खुद प्रभावित इलाकों के प्रमुख जिलाधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं और स्थिति पर पल-पल नजर रख रहे हैं।
भोटेकोशी नदी में भी अचानक पानी बढ़ने की सूचना मिली है। लगातार बारिश और पहाड़ी नदियों के उफान से नेपाल के कई हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। बाढ़ के बाद रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन जिलों में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से नदियों से दूर रहने और जरूरत पड़ने पर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
बताया गया है कि रसुवा में पिछले साल की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए स्थान पर हाल ही में एक नया पुल बनाया गया था। तेज पानी के कारण यह पुल भी बह गया। बाढ़ से कई सड़कों और संपर्क मार्गों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे प्रभावित इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।
नेपाल से आने वाले पानी के कारण बिहार में भी खतरा बढ़ सकता है। बगहा, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों के साथ लोगों की सुरक्षा पर ध्यान दे रहा है।