नेपाल में तबाही के बाद PM बालेन शाह समेत पूरी कैबिनेट रिलीफ फंड में देगी एक महीने की सैलरी

Nepal Relief Fund: नेपाल में बाढ़ की तबाही के बाद पीएम बालेन शाह और पूरी कैबिनेट राहत कोष में अपनी एक महीने की सैलरी दान करेगी, जबकि प्रशासन ने पुनर्वास के लिए बड़ा राहत पैकेज तैयार किया है।
Nepal Flood Relief Fund
पीएम बालेन शाह और पूरी कैबिनेट राहत कोष में देगी एक महीने की सैलरी(सोर्स-AI)
Published on
Updated on

Nepal Flood Relief Fund:  नेपाल में भोटेकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ और भीषण भूस्खलन के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। इस प्राकृतिक आपदा में नेपाल और तिब्बत के पर्वतीय क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है। राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के लिए प्रधानमंत्री बालेन शाह और उनकी पूरी कैबिनेट ने राष्ट्रीय आपदा राहत कोष में अपनी एक महीने की सैलरी दान करने का फैसला किया है।

बाढ़ और भूस्खलन के कारण नेपाल के कई इलाकों में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। सड़कें, पुल और अन्य जरूरी सुविधाएं प्रभावित होने के कारण दूरदराज के क्षेत्रों तक राहत सामग्री, खाना और दवाइयां पहुंचाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

PM बालेन शाह और कैबिनेट का बड़ा फैसला

बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र 'बालेन' शाह और उनकी कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने राष्ट्रीय आपदा राहत कोष में अपनी एक महीने की सैलरी दान करने पर सहमति जताई है।

सरकार के इस फैसले का उद्देश्य आपदा प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाना और संकट की इस घड़ी में राष्ट्रीय एकजुटता का संदेश देना है। प्रधानमंत्री बालेन शाह ने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की है और संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

बाढ़ पीड़ितों के लिए तैयार हो रहा विशेष राहत पैकेज

नेपाल सरकार ने बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए विशेष राहत और पुनर्वास पैकेज तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए वित्त मंत्रालय को प्रभावित परिवारों और छोटे कारोबारियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजना बनाने को कहा गया है।

प्रस्तावित राहत पैकेज में प्रभावित लोगों को आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ आर्थिक सहायता और सुरक्षित स्थानों पर पुनर्वास की व्यवस्था शामिल हो सकती है। सरकार का मुख्य फोकस उन इलाकों तक मदद पहुंचाना है, जहां बाढ़ के कारण सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

Nepal Flood Relief Fund
नेपाल पर मंडराया जलप्रलय का खतरा, तिब्बत की झील में जमा हुआ 50 लाख क्यूबिक मीटर पानी, अगले 72 घंटे भारी

सड़कें, पुल और बिजली परियोजनाएं हुईं प्रभावित

विनाशकारी बाढ़ के तेज बहाव ने नेपाल के कई पहाड़ी इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। बड़ी संख्या में मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि सड़कें और पुल बहने या टूटने से कई क्षेत्रों का संपर्क अन्य इलाकों से कट गया है।

बाढ़ का असर जलविद्युत परियोजनाओं पर भी पड़ा है। कई स्थानों पर बिजली से जुड़ी सुविधाओं को नुकसान पहुंचने के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। प्रशासन की टीमें क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को बहाल करने और प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही हैं।

Nepal Flood Relief Fund
नेपाल ने भारत-चीन समेत कई देशों की मदद ठुकराई, कहा- राहत कार्य के लिए हमारी सेना सक्षम

स्वास्थ्य सेवाओं पर भी मंडराया संकट

इस प्राकृतिक आपदा के बाद प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़े असर को लेकर चिंता जताई है।

जानकारी के अनुसार, मलबे और भूस्खलन के कारण कई स्वास्थ्य केंद्रों को नुकसान पहुंचा है, जिससे प्रभावित लोगों तक समय पर इलाज पहुंचाने में मुश्किलें आ रही हैं। कुछ स्वास्थ्यकर्मियों के लापता होने की भी खबर है और उनकी तलाश जारी है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में साफ पानी की कमी और स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होने के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। विशेष रूप से डायरिया और सांस से जुड़ी बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हैं।

नेपाल सरकार, सेना, सुरक्षा बल और राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में बचाव और सहायता अभियान चला रही हैं। आने वाले दिनों में राहत, पुनर्वास और बुनियादी ढांचे की बहाली नेपाल सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल रहने वाली हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com