

Nepal 9 Bank Branches Washed Away: नेपाल में चीन की सीमा से लगे रसुवा जिले से बहने वाली भोटेकोशी नदी में अचानक आए उफान से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ ने सुबह करीब 9 बजे (स्थानीय समय) जिले के मुख्य बाजार इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। इस आपदा में अब तक 55 लोगों के शव बरामद किए जा चुके है।
भोटेकोशी बाढ़ की चपेट में कमर्शियल बैंक की नौ शाखाएं भी आई हैं। नेपाल बैंकर्स एसोसिएशन ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने ये भी बताया कि रसुवा में इन शाखाओं में काम करने वाले लगभग 26 कर्मचारियों से भी संपर्क नहीं हो पाया है।
एसोसिएशन का कहना है कि टेलीफोन लाइनें खराब होने और बिजली न होने के कारण संपर्क करने में दिक्कतें आ रही हैं। एसोसिएशन के अनुसार, रसुवा में माछापुछ्रे, नबिल, सनिमा, लक्ष्मी सनराइज, हिमालयन, प्रभु, ग्लोबल आईएमई, इन्वेस्टमेंट मेगा और एनएमएबी बैंक की शाखाएं थीं।
कान्तिपुर टाइम्स ने बताया कि बैंकर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष कोइराला ने जानकारी दी कि इन शाखाओं में काम करने वाले 26 कर्मचारियों से अभी तक संपर्क नहीं हो सका है। बुधवार तड़के अचानक नेपाल की भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ा और उसने बाढ़ का रूप ले लिया। देखते ही देखते कई पुल, प्रोजेक्ट्स और इमारतें भरभरा कर गिरने लगीं।
स्थानीय मीडिया के मुताबिक इस त्रासदी में अब तक कुल 55 शव बरामद किए गए हैं। 25 शवों की जानकारी सामने आई है, इनमें से 1 रसुवा में, 7 नुवाकोट में (3 महिलाएं और 4 पुरुष), 6 धाडिंग में (3 महिलाएं, 2 पुरुष और 1 अज्ञात व्यक्ति), 4 गोरखा में (2 पुरुष और 2 अज्ञात व्यक्ति) और गोरखा की ओर त्रिशूली नदी के किनारे छह शव मिले हैं। पुलिस ने बताया है कि गंडकी ग्रामीण नगर पालिका-8 के धावादिघाट में त्रिशूली नदी के किनारे एक व्यक्ति का शव मिला है।
पुलिस अलग-अलग जिलों में बाढ़ की चपेट में आने वाले घरों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही है, विभिन्न एजेंसियों और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर जरूरी बचाव और खोज अभियान चला रही है, और कई जगहों पर रास्ते की रुकावटें हटा रही है।
रसुवा के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्य के लिए काठमांडू हवाई अड्डे से 49 बचाव उड़ानें भरी गईं। काठमांडू हवाई अड्डे पर स्थित आरसीसी कार्यालय के अनुसार, बुधवार शाम 5:20 बजे तक निजी और सरकारी हेलीकॉप्टरों ने धुंचे, तिमुरे, स्याफ्रुबेसी, मैलुंग, त्रिशूली और धाडिंग इलाकों में बचाव और राहत पहुंचाने के लिए उड़ान भरी।
वहीं, इस विपत्ति में भारत ने पड़ोसी देश की हर मुमकिन मदद का आश्वासन दिया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाली समकक्ष बालेंद्र शाह से फोन पर बात की और कहा, "इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। हमारी टीमें बचाव और राहत कार्यों के लिए मिलकर काम कर रही हैं।"
(एजेंसी इनपुट के साथ)