मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला, 'समरसता छात्रावास' से लेकर हवाई अड्डे निर्माण तक विकास कार्यों में आएगी तेजी

CM Mohan Yadav News: प्रदेश में विकास कार्यों को मिली गति: स्कूलों का युक्तियुक्तकरण, 'समरसता छात्रावास' का निर्माण, उज्जैन में हवाई अड्डे की तैयारी और धार्मिक स्थलों के विकास के लिए बड़ी कार्ययोजना।
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मुख्यमंत्री मोहन यादव की समीक्षा बैठक, सोर्स: सोशल मीडिया
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Madhya Pradesh Development Projects: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में आयोजित एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य शासन की प्राथमिकताओं को अभियान के रूप में चलाकर समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए।स्कूल चलो अभियान: 15 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान के दौरान सांदीपनि विद्यालय भवनों का लोकार्पण और स्कूलों का युक्तियुक्तकरण (Rationalization) प्राथमिकता से किया जाएगा।

इसे प्रदेश का सबसे बड़ा उत्कृष्ट नवाचार बताते हुए विभाग को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर इसकी ब्रांडिंग करने का कार्य सौंपा गया है। राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग चलाए जा रहे छात्रावासों को अब एक ही छत के नीचे लाकर 'समरसता छात्रावास' का नाम दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों में समरसता का भाव विकसित हो सके।

 तीर्थ स्थलों का विकास और धार्मिक पर्यटन

धार्मिक संस्थाओं को प्रोत्साहन: अमरकंटक, ओंकारेश्वर, महेश्वर, दतिया, ओरछा और मैहर जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों पर धर्मशाला, अन्न क्षेत्र और अस्पतालों के निर्माण के लिए सामाजिक संस्थाओं को रजिस्ट्री शुल्क में छूट और अनुदान जैसे प्रोत्साहन दिए जाएंगे।: सती अनुसुईया मंदिर परिसर, मल्टी फैसिलिटी सेंटर और गुप्त गोदावरी परिसर के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, मंदाकिनी नदी जोड़ो परियोजना को अंतिम रूप देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ बैठक की जाएगी।

 जनहितकारी और बुनियादी ढांचा परियोजनाएं

उज्जैन नवीन हवाई अड्डा: दताना-मताना हवाई पट्टी के स्थान पर बनने वाले नए हवाई अड्डे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जल्द ही भूमि-पूजन कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

आबादी की नि:शुल्क रजिस्ट्री: राज्य के 53,000 गांवों में ग्रामीणों को उनकी भूमि का मालिकाना हक देने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

भोपाल में भव्य स्मारक: यूनियन कार्बाइड (UCIL) की कचरा-मुक्त भूमि पर भुज के म्यूजियम की तर्ज पर एक भव्य स्मारक का निर्माण किया जाएगा।

 प्रशासनिक सख्ती और सुधार

समय की पाबंदी: सभी शासकीय सेवकों को सुबह 10 से शाम 6 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। मंत्रालय, विंध्याचल और सतपुड़ा भवनों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य कर दी गई है।

पुलिस और सुरक्षा: प्रदेश के मंदिरों में महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर होमगार्ड्स की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही, मध्य प्रदेश पुलिस के विशेष सशस्त्र बल में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है।

भेल की अनुपयोगी भूमि पर शासन का नजरिया

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि भोपाल स्थित भारत हेवी इलेक्ट्रीकल्स लिमिटेड (भेल) के पास जो भूमि वर्तमान में अनुपयोगी है, उसे वापस लेने के लिए केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय से समन्वय कर जल्द कार्रवाई की जाए।बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को कार्य योजना बनाकर निर्धारित लक्ष्यों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

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