NASA का Artemis 2 मिशन धरती पर लौटा (सोर्स- सोशल मीडिया)
Artemis II Splashdown: NASA का Artemis II मिशन शनिवार, 11 अप्रैल को सफलतापूर्वक पृथ्वी पर लौट आया। अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर ओरियन अंतरिक्ष यान आर्टेमिस कार्यक्रम ने चंद्रमा के पास से अपनी लगभग 10 दिन की यात्रा पूरी करने के बाद प्रशांत महासागर में सुरक्षित स्प्लैशडाउन किया। यह लैंडिंग जमीन पर नहीं बल्कि पानी में की गई, जहां पहले से तैनात नासा और अमेरिकी नौसेना की टीमों ने तुरंत कैप्सूल को ढूंढकर सुरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
यह मिशन चंद्रमा पर उतरने के लिए नहीं था, बल्कि उसके पास से गुजरते हुए उसके दूरस्थ हिस्से तक जाना और फिर पृथ्वी की ओर लौटना था। इस ऐतिहासिक उड़ान में अंतरिक्ष यात्रियों रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैंसन ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं।
Artemis II ने 1970 के Apollo 13 मिशन का दूरी रिकॉर्ड तोड़ते हुए पृथ्वी से सबसे दूर जाने वाले मानव बनने का गौरव प्राप्त किया। इसके अलावा, पृथ्वी के वायुमंडल में वापसी के दौरान उनकी गति भी ऐतिहासिक रूप से सबसे अधिक रही, जिससे यह मिशन तकनीकी रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण बन गया।
मिशन के दौरान अंतरिक्ष यान ने पहले 25 घंटे पृथ्वी की कक्षा में रहकर सभी आवश्यक प्रणालियों की जांच की। इसके बाद मुख्य इंजन को चालू कर इसे चंद्रमा की ओर भेजा गया। चंद्रमा के प्रभाव क्षेत्र से बाहर निकलने के बाद यान ने पृथ्वी की ओर वापसी शुरू की। इस दौरान दो बार प्रक्षेपवक्र सुधार (Trajectory Correction) किए गए, ताकि यान की दिशा सटीक बनी रहे और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सके।
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NASA के Artemis I मिशन के तीन साल बाद आए इस मिशन में पहली बार जीवन रक्षक प्रणाली, पानी की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं का परीक्षण वास्तविक परिस्थितियों में किया गया। आर्टेमिस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य चंद्रमा पर लंबे समय तक मानव उपस्थिति स्थापित करना और भविष्य में मंगल ग्रह जैसी दूरस्थ यात्राओं की तैयारी करना है। इस दृष्टि से आर्टेमिस-2 को अंतरिक्ष अन्वेषण के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम माना जा रहा है।