'पहले ये 2 शर्तें मानो, तभी होगी...', इस्लामाबाद वार्ता से ठीक पहले ईरान ने खेला बड़ा दांव, US की बढ़ी टेंशन!

Iran New Conditions US Talks: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के इस्लामाबाद पहुंचने से पहले ईरान ने कड़ा रुख अपना लिया है। ईरान ने लेबनान में युद्धविराम सहित इस मुद्दे को लेकर अब नई शर्तें रख दी है।
'Accept These 2 Conditions First, Only Then Will It Happen...' Just Ahead of Islamabad Talks, Iran Plays a Major Card; US Tensions Rise!
ईरान ने अमेरिका के सामने रखीं नई शर्तें, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Iran New Conditions US Talks Lebanon Ceasefire: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में कल होने वाली अमेरिका और ईरान की शांति वार्ता से ठीक पहले तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। जहां एक ओर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शांति का रोडमैप लेकर पाकिस्तान के लिए रवाना हो चुके हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान ने अचानक दो ऐसी शर्तें रख दी हैं जिन्होंने पूरी कूटनीतिक प्रक्रिया को अधर में लटका दिया है।

'बिना इन दो शर्तें के नहीं होगी बात'

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बघेर गालिबाफ, जो इस वार्ता में ईरान का नेतृत्व कर सकते हैं, ने स्पष्ट किया है कि बातचीत की मेज पर बैठने से पहले अमेरिका को दो महत्वपूर्ण काम करने होंगे। गालिबाफ के अनुसार, पहली शर्त लेबनान में तुरंत युद्धविराम लागू करना है और दूसरी शर्त अमेरिका द्वारा जब्त की गई ईरानी संपत्तियों को रिलीज करना है। गालिबाफ ने दो टूक शब्दों में कहा कि इन शर्तों के पूरा हुए बिना कोई भी बातचीत संभव नहीं होगी।

ईरानी सेना की सख्त चेतावनी

एक तरफ कूटनीतिक खींचतान चल रही है तो दूसरी तरफ ईरान की सेना ने सैन्य मोर्चा संभाल लिया है। खात्म अल-अनबिया मुख्यालय ने चेतावनी दी है कि ईरानी सेना पूरी तरह तैयार है और उनकी 'ट्रिगर पर उंगली' है। ईरान ने साफ किया है कि यदि लेबनान में हिज्बुल्लाह पर हमले जारी रहे, तो वह एक अत्यंत 'दर्दनाक जवाब' देगा। इसके अलावा, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर अपनी रणनीति को एक नए और कड़े स्तर पर ले जाने का ऐलान किया है।

चालबाजी की तो खैर नहीं

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस मिशन को लेकर आशा व्यक्त की है, लेकिन उन्होंने ईरान को किसी भी प्रकार की 'धोखाधड़ी' के खिलाफ आगाह भी किया है। वेंस ने बताया कि उन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से स्पष्ट और सख्त दिशा-निर्देश मिले हैं। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि यदि ईरान ईमानदारी से मेज पर आता है तो अमेरिका सहयोग करेगा लेकिन किसी भी प्रकार की 'चालबाजी' की स्थिति में अमेरिकी टीम बेहद कड़ा रुख अपनाएगी।

सस्पेंस में फंसी इस्लामाबाद टॉक्स

फिलहाल स्थिति यह है कि जेडी वेंस तो इस्लामाबाद के लिए निकल चुके हैं लेकिन ईरानी डेलिगेशन के वहां पहुंचने को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। ईरान की इन नई शर्तों ने न केवल इस बैठक की सफलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि मध्य पूर्व में एक बार फिर युद्ध की चिंगारी को हवा दे दी है।

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