

Zelensky Moscow Flights Warning: यूक्रेन की ओर से संभावित बड़े ड्रोन हमलों की चेतावनी के बीच रूस की राजधानी मॉस्को के दो प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सुरक्षा कारणों से वनुकोवो और शेरेमेतिएवो एयरपोर्ट पर विमानों के आगमन और प्रस्थान पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए। इसके चलते सैकड़ों उड़ानें रद्द या घंटों देरी से संचालित हुईं।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की चेतावनी के बाद रूसी हवाई क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। यूक्रेन ने रूस के हवाई क्षेत्र में बड़े पैमाने पर ड्रोन अभियान चलाने के संकेत दिए हैं। इससे एयरलाइंस, यात्रियों और विमानन क्षेत्र से जुड़े बीमा प्रदाताओं के सामने भी सुरक्षा संबंधी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
रूस की संघीय हवाई परिवहन एजेंसी रोसावियात्सिया के अनुसार, सुरक्षा स्थिति को देखते हुए मॉस्को के वनुकोवो और शेरेमेतिएवो हवाई अड्डों पर उड़ानों के संचालन को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया गया।
इसका सीधा असर रातभर के उड़ान संचालन पर पड़ा। शेरेमेतिएवो एयरपोर्ट पर 21 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि करीब 235 उड़ानों के प्रस्थान में लंबी देरी हुई। वहीं वनुकोवो एयरपोर्ट पर 22 उड़ानें रद्द की गईं और कम से कम 94 उड़ानें निर्धारित समय से पीछे रहीं।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने 1 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस, बीमा कंपनियों और विदेशी सरकारों को रूसी हवाई क्षेत्र को लेकर चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि रूस के ऊपर बड़े पैमाने पर ड्रोन गतिविधियां होने के कारण वहां से सुरक्षित उड़ान संचालन मुश्किल हो सकता है।
जेलेंस्की ने रूस के ऊपर से उड़ान भरने वाली विदेशी एयरलाइंस से इस हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की। उनकी इस चेतावनी के बाद रूसी हवाई अड्डों पर सुरक्षा व्यवस्था और उड़ानों की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रखी जा रही है।
बढ़ते सुरक्षा खतरे के बीच तुर्की की पेगासस एयरलाइंस ने अपनी रातभर की कुछ उड़ानें रद्द कर दीं। एयरलाइन ने इसके लिए परिचालन और तकनीकी कारणों का हवाला दिया। हालांकि, कंपनी के मुताबिक 2 सितंबर के बाद उसकी अन्य उड़ानें निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित की जा रही हैं।
वहीं FlightRadar24 की लाइव ट्रैकिंग के अनुसार, 3 सितंबर की दोपहर तक शेरेमेतिएवो और वनुकोवो एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में निर्धारित उड़ानें रद्द या देरी से चल रही थीं। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में ड्रोन हमले लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। रूस की ओर से कीव और यूक्रेन के अन्य इलाकों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए जाते रहे हैं, जबकि यूक्रेन भी लंबी दूरी तक हमला करने वाले ड्रोन के जरिए रूस के भीतर रणनीतिक और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है।
रूसी हवाई अड्डों के संचालन को प्रभावित करने के लिए यूक्रेन के सुरक्षा बल SBU ने पिछले साल की शुरुआत में ‘ऑपरेशन कार्पेट’ अभियान शुरू किया था। अब मॉस्को के एयरपोर्ट पर उड़ानों में आई रुकावट ने दिखाया है कि ड्रोन युद्ध का असर सैन्य ठिकानों के साथ नागरिक विमानन पर भी पड़ रहा है।