

Ukraine Drone Attack Russia St Petersburg: यूक्रेन की सेना ने 4 अगस्त की रात रूस के भीतर अब तक के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक को अंजाम दिया है। इस हमले में मुख्य रूप से रूस के लॉजिस्टिक्स और तेल बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों ने मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग जैसे उन शहरों की सुरक्षा व्यवस्था को भेद दिया है, जिन्हें अब तक काफी सुरक्षित माना जाता था।
हमले का सबसे बड़ा असर रूसी ई-कॉमर्स कंपनी वाइल्डबेरीज पर पड़ा है, जिसकी तुलना अक्सर अमेज़न से की जाती है। मॉस्को ओब्लास्ट के चेखोव शहर में स्थित वाइल्डबेरीज के एक लॉजिस्टिक्स हब पर ड्रोन से हमला किया गया। मॉस्को के गवर्नर एंड्री वोरोब्योव के अनुसार, इस हमले में 5 लोगों की मौत हो गई और 6 अन्य घायल हुए हैं।
इसके अलावा, सेंट पीटर्सबर्ग से करीब 33 किलोमीटर दूर क्रास्नी बोर में भी वाइल्डबेरीज के एक वेयरहाउस को निशाना बनाया गया, जहां से धुएं का गुबार उठते देखा गया। इस हमले की पुष्टि लेनिनग्राद ओब्लास्ट के गवर्नर अलेक्जेंडर ड्रोज़्डेंको और कंपनी की प्रेस सर्विस ने भी की है।
लॉजिस्टिक्स के साथ-साथ यूक्रेन ने रूस की ऊर्जा संपदा पर भी हमला बोला है। समारा ओब्लास्ट में स्थित सिज़रान तेल रिफाइनरी में यूक्रेनी स्ट्राइक के बाद भीषण आग लग गई।
कीव का मानना है कि ऐसे ऊर्जा ठिकाने रूसी युद्ध मशीनरी को ईंधन और धन मुहैया कराते हैं, इसलिए वे वैध सैन्य लक्ष्य हैं। यूक्रेन अब लगातार रूस के भीतरी इलाकों में तेल डिपो और रिफाइनरियों को निशाना बनाने के लिए ‘डीप स्ट्राइक अभियान’ चला रहा है।
इन हमलों से होने वाला आर्थिक नुकसान काफी बड़ा बताया जा रहा है। रूसी मीडिया के अनुसार, वाइल्डबेरीज पर हुए हमलों से विक्रेताओं को 215–280 अरब रूबल (लगभग $2.7–$3.5 बिलियन) का नुकसान हो सकता है। गौरतलब है कि वाइल्डबेरीज की संस्थापक तातियाना किम रूस की सबसे अमीर महिला हैं और इस कंपनी पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगे हुए हैं। पोलैंड ने इस कंपनी को रूसी संघ का सबसे बड़ा करदाता बताया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि यूक्रेन के उन्नत होते ड्रोन अब रूस के उन शहरों की सुरक्षा को भी भेदने में सक्षम हैं, जहां एयर डिफेंस का भारी जमावड़ा रहता है। हालांकि, यूक्रेनी सेना ने अभी तक इन हमलों पर आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है