

Government Confirms 16 Indians Killed And 75 Injured In Middle East Conflict: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच भारत सरकार ने संसद में एक बहुत ही अहम और दुखद जानकारी दी है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में बताया है कि इस भयंकर युद्ध में अब तक 16 भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है। सीपीआई एम सांसद जॉन ब्रिटास के सवाल के जवाब में सरकार ने यह बेहद महत्वपूर्ण आंकड़े देश के सामने पूरी तरह से स्पष्ट किए हैं।
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जान गंवाने वाले इन 16 लोगों में 10 भारतीय नाविक भी विशेष रूप से शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न देशों में हुए हमलों के कारण कुल 75 भारतीय नागरिक बुरी तरह से घायल भी हुए हैं। इस मुश्किल समय में सरकार वहां फंसे सभी भारतीयों की पूरी मदद कर रही है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम भी बहुत ही तेजी से चल रहा है।
मंत्री ने विस्तार से बताया कि सऊदी अरब और इराक में एक-एक भारतीय नागरिक की दुखद मौत इस संघर्ष के दौरान हुई है। वहीं कुवैत में दो, यूएई में चार और ओमान में सबसे ज्यादा आठ भारतीयों को अपनी कीमती जान गंवानी पड़ी है। इसके साथ ही कतर के रास लफान गैस प्लांट में हुए एक अलग हादसे में 12 भारतीयों की दर्दनाक मौत की खबर भी सामने आई है।
इस खतरनाक युद्ध में घायल होने वाले 75 भारतीयों में सबसे अधिक 32 लोग यूएई में और 24 लोग ओमान में मौजूद हैं। कुवैत में 13, कतर में चार और सऊदी अरब तथा इजरायल में एक-एक भारतीय नागरिक गंभीर रूप से घायल हुआ है। इन सभी घायलों को बेहतर मेडिकल सुविधा देने के लिए भारतीय दूतावास लगातार वहां के स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर बहुत मजबूती से काम कर रहा है।
सरकार ने बताया कि युद्ध क्षेत्र में मारे गए नाविकों के परिवारों को डीजीएमए वेलफेयर स्कीम के तहत 10 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। वहीं यूनियन से जुड़े नाविकों को अतिरिक्त मुआवजा भी मिलता है, जिसमें अधिकारियों को 12 लाख रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा सामान्य क्रू सदस्यों के परिवारों को भी 10 लाख रुपये तक की भारी आर्थिक मदद सरकार द्वारा बहुत ही प्राथमिकता से दी जाती है।
फरवरी 2026 से अब तक भारतीय दूतावास ने ईरान से कुल 2,557 भारतीयों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते सुरक्षित निकाला है। सरकार का स्पष्ट अनुमान है कि ईरान में करीब 7,000 भारतीय अब भी फंसे हुए हैं, जिनमें छात्र, मजदूर और मछुआरे शामिल हैं। इसके साथ ही दुबई के बंद हो चुके ईरानी अस्पताल के 130 स्वास्थ्यकर्मियों के वीजा का मुद्दा भी भारत ने बहुत ही राजनयिक स्तर पर उठाया है।
संसद में एक अन्य मामले पर जानकारी देते हुए बताया गया कि अमेरिका में 'ऑपरेशन चेकमेट' के तहत मई में 52 लोग गिरफ्तार हुए थे। इन गिरफ्तार किए गए लोगों में 36 ट्रक चालक थे और इनमें से 30 लोग भारतीय नागरिक बताए जा रहे हैं। भारत सरकार लगातार अमेरिकी प्रशासन से संपर्क करके इन सभी गिरफ्तार भारतीयों की पूरी और सटीक जानकारी बहुत ही गंभीरता से मांग रही है।