अली खामेनेई के सरकारी आवास पर हमला (सोर्स- सोशल मीडिया)
Attack on Ali Khamenei House: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के सरकारी आवास पर हमले की खबर सामने आई है। यह हमला पीपुल्स मुजाहिदीन (MEK) नामक संगठन ने किया। संगठन का दावा है कि हमले में शामिल 100 सदस्यों को ईरान की सेना ने गिरफ्तार कर लिया, जबकि कुछ की हत्या भी कर दी गई। 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद यह पहली बार है जब ईरान के सुप्रीम लीडर के घर पर इतनी संगठित कार्रवाई हुई है।
बीबीसी फारसी की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार (23 फरवरी) को MEK के लगभग 250 सदस्य आधुनिक हथियारों से लैस होकर मध्य तेहरान में खामेनेई के कार्यालय और आवास पर हमला करने पहुंचे। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने अब तक केवल 4 लोगों के पकड़े जाने की पुष्टि की है।
ईरान में बढ़ते तनाव के बीच अयातुल्ला अली खामेनेई अपने आवास छोड़कर बंकर में चले गए थे। उनके आवास और कार्यालय की सुरक्षा अब उनके बेटे मोजतबा खामेनेई संभाल रहे हैं। खामेनेई का सरकारी आवास, जिसे बेत-ए रहबरी कहा जाता है, तेहरान के मध्य में स्थित है। मुजाहिद्दीन संगठन का दावा है कि हमले के दौरान कई ईरानी सैनिक भी मारे गए, हालांकि इस बात की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के सदस्य अहमद बख्शायेश अर्देस्तानी का कहना है कि कुछ हमले इस्लामिक गणराज्य को कमजोर दिखाने के लिए हो सकते हैं, लेकिन खामेनेई के आवास पर हमले के बारे में उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
क्या है पीपुल्स मुजाहिद्दीन संगठन?
1965 में शाह पहलवी के शासन के खिलाफ लड़ने के लिए इस संगठन की स्थापना हुई थी। 1979 की इस्लामिक क्रांति में इस संगठन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1990 तक ईरान में इसका प्रभाव था, लेकिन अयातुल्ला खामेनेई से मतभेद के बाद इसे प्रतिबंधित कर दिया गया।
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साल 2002 में MEK ने पहली बार दुनिया के सामने ईरान के परमाणु कार्यक्रमों के बारे में जानकारी उजागर की। संगठन का नेतृत्व मैरियम रजावी कर रही हैं, जो ईरान को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बनाना चाहती हैं। MEK का यह हमला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय से ईरान में विपक्ष का मैदान खाली है।