

Masoud Pezeshkian UNGA Statement: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि किसी भी देश या समाज पर बल प्रयोग करके उसे झुकाया नहीं जा सकता। संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क रवाना होने से पहले उन्होंने स्पष्ट किया कि ताकत के दम पर लोगों को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र में ईरानी जनता की शिकायतों, उनके साथ हुई घटनाओं और पैदा हुए अविश्वास के मुद्दे को पूरी मजबूती से उठाएंगे। ईरान इस अंतरराष्ट्रीय मंच का उपयोग दुनिया के सामने क्षेत्र की वास्तविकताओं और अपनी बात को स्पष्ट रूप से रखने के लिए करेगा।
मसूद पेजेश्कियन 81वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे हैं। इस साल की UNGA में ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के साथ गाजा, यूक्रेन और मध्य पूर्व की स्थिति भी प्रमुख मुद्दों में शामिल है।
ईरानी राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को अपने देश के लिए महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच बताया। उन्होंने कहा कि ईरान इस मंच का इस्तेमाल अपनी स्थिति स्पष्ट करने और दुनिया के सामने क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियां रखने के लिए करेगा।
पेजेश्कियन ने कहा कि वह ईरानी जनता के साथ हुई घटनाओं, उनकी शिकायतों और पैदा हुए अविश्वास के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने रखेंगे। उनके अनुसार, बातचीत और कूटनीति के जरिए मुद्दों का समाधान तलाशना जरूरी है।
ईरानी राष्ट्रपति ने बातचीत के दौरान हुए समझौतों और उनके पालन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि ईरान ने कई बार कूटनीतिक बातचीत में हिस्सा लिया और समझौतों पर सहमति जताई, लेकिन बाद में उन प्रतिबद्धताओं के उल्लंघन की स्थिति सामने आई।
पेजेश्कियन का कहना है कि किसी देश को दबाव या अनुचित बल प्रयोग के जरिए अपनी शर्तें स्वीकार करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि ताकत के इस्तेमाल से किसी समाज को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करना संभव नहीं है।
पेजेश्कियन ने मध्य पूर्व की मौजूदा परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए गाजा और फिलिस्तीन के साथ सीरिया और यमन की स्थिति पर भी बात की। उन्होंने इन घटनाक्रमों को क्षेत्र में जारी गंभीर संकट से जोड़ते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करने की बात कही।
ईरानी पक्ष लंबे समय से क्षेत्रीय घटनाओं और ईरान पर पड़ रहे दबाव को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाता रहा है। UNGA में पेजेश्कियन की मौजूदगी ऐसे समय हो रही है, जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव जारी है और दोनों देशों के बीच संभावित कूटनीतिक संपर्क पर भी नजर बनी हुई है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरानी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं। अमेरिका ने पेजेश्कियन और अराघची समेत ईरानी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सदस्यों को UNGA में शामिल होने की अनुमति दी है, हालांकि न्यूयॉर्क में उनकी आवाजाही पर कुछ प्रतिबंध लागू हैं।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेजेश्कियन से न्यूयॉर्क में मुलाकात की संभावना पर खुलेपन का संकेत दिया है। हालांकि दोनों नेताओं की बैठक की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पेजेश्कियन के बयान और ईरानी प्रतिनिधिमंडल की UNGA में मौजूदगी ऐसे समय हुई है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर ईरान-अमेरिका तनाव, क्षेत्रीय सुरक्षा और संभावित कूटनीतिक रास्तों पर बनी हुई है।