मलेशिया के प्रधानमंत्री ने किया पोस्ट (सौ.सोशल मीडिया)
सिंगापुर: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन से जहां पर देशभर में शोक का माहौल बना हुआ है वहीं पर देश से लेकर विदेश में निधन से झटका लगा है। विदेशों से भी मनमोहन सिंह के लिए कई बातें सामने आ रही है। हाल ही में मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम का सोशल मीडिया पोस्ट आया है जिसमें उन्होंने दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से जुड़ा किस्सा शेयर किया है।
इसमें बताया कि, मनमोहन उनके अच्छे मित्र रहे है बच्चों की छात्रवृति से जुड़ी मदद की थी। इस दौरान वे 1999 से 2004 तक जेल में थे तो मनमोहन ने साथ दिया था।
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लेकर पोस्ट किया है। यहां पर पोस्ट में लिखा कि, उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री को भारत को विश्व की आर्थिक महाशक्तियों में से एक के रूप में उभरने की दाई के रूप में वर्णित किया। उन्होंने लिखा कि राजनेता के तौर पर डॉ मनमोहन सिंह थोड़े अजीब हैं, लेकिन एक राष्ट्र कर्मी के तौर पर वे निर्विवाद रूप से ईमानदार, दृढ़ थे। वे अपने पीछे ऐसी विरासत छोड़ गए हैं जो आने वाली पीढि़यों को प्रेरित करेगी।
The weight of grief bears down on me at the news of the passing of my honoured and cherished friend: Dr Manmohan Singh. Obituaries, essays and books a plenty there will surely be about this great man, celebrating him as the architect of India’s economic reforms. As Prime… pic.twitter.com/44bA3s7vst — Anwar Ibrahim (@anwaribrahim) December 27, 2024
उन्होंने लिखा कि बहुत से लोग यह नहीं जानते है और अब समय आ गया है कि मैं इसे मलेशियाई लोगों के साथ साझा करूं, मेरे कारावास के वर्षों के दौरान मनमोहन सिंह ने ऐसी दयालुता दिखाई, जिसकी उन्हें जरूरत नहीं थी। उन्होंने मेरे बच्चों, खास तौर पर मेरे बेटे इहसान के लिए छात्रवृत्ति की पेशकश की थी।
आगे मलेशियाई प्रधानमंत्री ने लिखा कि हालांकि मैंने इस शानदार पेशकश को अस्वीकार कर दिया था, लेकिन इस तरह के इशारे ने निस्संदेह उनकी असाधारण मानवता और उदारता को दर्शाया। उन्होंने लिखा, ‘उन काले दिनों में, जब मैं कारावास की भूलभुलैया से गुजर रहा था, वे एक सच्चे मित्र की तरह मेरे साथ खड़े रहे। शांत उदारता के ऐसे कार्य उन्हें परिभाषित करते हैं और वे हमेशा मेरे दिल में अंकित रहेंगे। अलविदा, मेरे मित्र, मेरे भाई, मनमोहन।