हिजबुल्लाह ने की हद पार…लेबनान में पीस कीपिंग फोर्स पर घात लगाकर किया हमला, फ्रांसीसी सैनिक की मौत से हड़कंप
Lebanon में शांति मिशन पर तैनात फ्रांसीसी शांति सैनिक की घात लगाकर किए गए हमले में मौत हो गई। राष्ट्रपति मैक्रों ने Hezbollah पर सीधा आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
- Written By: अक्षय साहू
लेबनान में फ्रांसीसी सैनिक की मौत (सोर्स- सोशल मीडिया)
French Peacekeeper Soldier killed in Hezbollah Attack: लेबनान में शांति स्थापित करने के मिशन पर निकले संयुक्त राष्ट्र के काफिले पर घात लगाकर किए गए एक हमले में फ्रांस के एक शांति सैनिक की मौत हो गई है, जबकि तीन अन्य सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह हमला दक्षिण लेबनान के एक गांव में हुआ, जिससे इलाके में पहले से ही नाजुक शांति व्यवस्था और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
यह घटना उस समय घटी जब ‘यूनिफिल’ (UNIFIL) का एक गश्ती दल दक्षिणी लेबनान के एक गांव में अपना काम कर रहा था। अधिकारियों के अनुसार, यह कोई संयोग नहीं था, बल्कि यह एक जानबूझकर किया गया हमला था। फ्रांस की सशस्त्र बल मंत्री कैथरीन वॉट्रिन ने इस घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि शांति सैनिक एक महत्वपूर्ण मिशन पर थे। वे हालिया संघर्ष के कारण कटे हुए एक यूनिफिल पोस्ट तक पहुंचने का रास्ता साफ कर रहे थे, तभी एक सशस्त्र समूह ने नजदीक से उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
हमले में शांति सैनिक की मौत
वॉट्रिन ने कहा कि फ्रांसीसी सैनिक को बेहद करीब से गोली लगी और उनके साथी सैनिकों ने उन्हें बचाने और पुनर्जीवित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन उनका घाव इतना गहरा था कि उन्हें बचाया नहीं जा सका। यूनिफिल ने यह पुष्टि की कि घायलों में से दो की हालत गंभीर बनी हुई है।
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मैक्रों ने हिजबुल्लाह को बताया जिम्मेदार
इस हमले के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरान समर्थित समूह ‘हिजबुल्लाह’ (Hezbollah) को इस हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया। मैक्रों ने कहा कि सभी उपलब्ध सबूत इस बात की ओर इशारा करते हैं कि इस हमले के पीछे हिजबुल्लाह का हाथ था। हालांकि, हिजबुल्लाह (Hezbollah) ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और इस घटना से किसी भी तरह के संबंध होने से इंकार किया है।
फ्रांस ने लेबनानी अधिकारियों से मांग की है कि वे तुरंत हमलावरों को गिरफ्तार करें और इस घटना में अपनी जिम्मेदारी निभाएं। साथ ही, लेबनान सरकार से यह भी कहा गया है कि वह इस घटना की पूरी जांच करें और अपराधियों को सजा दिलवाएं।
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घात लगाकर हमले का आरोप
यूनिफिल की ओर से जारी बयान में बताया गया कि यह हमला गांदुरियाह गांव के पास हुआ, जहां शांति सैनिक सड़क पर बिछाए गए विस्फोटकों को हटाने का काम कर रहे थे। इसका उद्देश्य अलग-थलग पड़ी चौकियों से दोबारा संपर्क स्थापित करना था। 2 मार्च से इजरायल और हिजबुल्लाह (Hezbollah) के बीच शुरू हुई संघर्ष के बाद से इस इलाके में शांति सैनिकों के लिए जोखिम बहुत बढ़ गया है। हालांकि, 16 अप्रैल को अमेरिका की मध्यस्थता में 10 दिनों के संघर्षविराम की घोषणा की गई थी, लेकिन स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।
