लश्कर आतंकी अबु मूसा (सोर्स- सोशल मीडिया)
Abu Musa Kashmiri: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) में एक बार फिर आतंकवाद का खौफनाक चेहरा सामने आया है। लश्कर-ए-तैयबा का कुख्यात कमांडर अबु मूसा कश्मीरी ने हाल ही में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास टाटरीनोट में आतंकियों के बीच नफरती और हिंसा भड़काने वाला भाषण दिया। आतंकी संरगना मूसा ने एक सभा में भाषण देते हुए हिंदूओं के कत्लेआम की बात कही।
जानकारी के मुताबिक, इस दौरान अबु मूसा कश्मीरी ने भारत और हिंदुओं के खिलाफ खुले तौर पर हिंसा को बढ़ावा देने वाले बयान दिए। उन्होंने कहा कि कश्मीर केवल “भीख मांगने” से नहीं, बल्कि “हिंदुओं की गर्दनें काटने” से मिलेगा। यह भाषण पूंछ जिले की हजीरा तहसील (रावलाकोट) में दिया गया। इस पाकिस्तान एक बार फिर दुनिया के सामने बेनकाब हो गया।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह घटना ऑपरेशन सिंदूर के बाद सामने आई बौखलाहट को दर्शाती है। ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों को बड़ा झटका लगा था, और इसके बाद आतंकी संगठन अपने कैडर को जोड़ने, संगठनों को दोबारा सक्रिय करने और पाकिस्तान में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए खुले मंच पर उकसावे वाले बयान दे रहे हैं।
📍 Location: Bahira village, Hajira tehsil, Poonch district (Pakistan-occupied Kashmir). 🚨🇵🇰 Abu Musa Kashmiri, senior Lashkar-e-Taiba (JKUM) commander, openly delivered a genocidal hate speech inciting mass violence against Hindus, stating that, “freedom will not be achieved… pic.twitter.com/X52DQ64sEP — Conflict News (@ConflictNews04) January 14, 2026
भाषण में अबु मूसा कश्मीरी ने यह दावा भी किया कि उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को संदेश दिया है कि कश्मीर का मुद्दा केवल “जेहाद और आतंकवाद” के जरिए ही सुलझाया जा सकता है। यह बयान उस लंबे समय से भारत द्वारा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाई गई सच्चाई की पुष्टि करता है कि पाकिस्तान कश्मीर को आतंकवाद के माध्यम से विवादित बनाए रखना चाहता है।
जानकारी के अनुसार, पहलगाम आतंकी हमले से पहले भी अबु मूसा कश्मीरी ने इसी तरह का भड़काऊ बयान दिया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि ऐसे भाषण हमलों से पहले माहौल बनाने, कट्टरपंथी युवाओं को उकसाने और हिंसा को वैध ठहराने के लिए दिए जाते हैं।
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खुफिया आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान में वर्तमान समय में लगभग हर आतंकी पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर की भाषा और विचारधारा को दोहरा रहा है। असीम मुनीर पाकिस्तान के गठन को इस्लामिक मूल्यों से जोड़ते हैं और बार-बार हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलाने वाले बयान देते रहे हैं। यह आतंकी संगठनों के बयानों और पाकिस्तानी सत्ता प्रतिष्ठान की सोच के बीच की कड़ी को उजागर करता है।