

Nepal Violence: नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और सीपीएन-यूएमएल अध्यक्ष केपी शर्मा ओली जेन-जेड आंदोलन के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए। ओली शनिवार को भक्तपुर के गुंडू में आयोजित राष्ट्रीय युवा संघ के एक कार्यक्रम में दिखाई दिए। यहां उन्होंने नेपाल के हालातों को लेकर कई बड़ी बातें कही हैं।
नेपाल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, केपी शर्मा ओली ने इस कार्यक्रम में कहा, "इस सरकार को मेरे बयान सार्वजनिक करने चाहिए। उन्हें दूसरों के बयान भी सार्वजनिक करने चाहिए, और पुलिस व अधिकारियों को दिए गए निर्देश और कार्रवाई भी सार्वजनिक करनी चाहिए। हम किसी भी साजिश में शामिल नहीं हैं। हम हर काम पारदर्शिता के साथ करते हैं।"
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने न तो भ्रष्टाचार किया है और न ही उसे होने दिया है। उन्होंने आगे कहा, "अब मैं अफ़वाहें सुन रहा हूं कि सरकार पासपोर्ट निलंबित कर देगी। वे क्या सोच रहे हैं? क्या हम अपना देश इस सरकार को सौंपकर विदेश भाग जाएंगे? हम क्या सोच रहे हैं? हमें इस देश का निर्माण करना है। एक बार फिर हम इसे संवैधानिक लोकतांत्रिक मुख्यधारा में लाएंगे।"
इससे पहले हुई राजनैतिक अस्थिरता को याद करते हुए केपी शर्मा ओली ने कहा, "माओवादी संघर्ष के दौरान देश को भारी राजनीतिक और आर्थिक नुकसान हुआ था। हमने तब इसे स्थिर किया था। अब फिर से आग भड़काने और अशांति भड़काने की कोशिश की जा रही है।"
नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि तथाकथित जेनरेशन-जेड कार्यकर्ता घर पर हैं, जबकि अन्य लोग उद्योगों को लूट रहे हैं और सिंह दरबार और संसद जैसी ऐतिहासिक संस्थाओं में तोड़फोड़ कर रहे हैं। यह सब अलग-अलग ताकतों द्वारा किया जा रहा है।
गौरतलब है कि 8 और 9 सितंबर को कथित भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों में तीन पुलिसकर्मियों समेत 72 लोग मारे गए थे। हिंसा के बाद खड्ग प्रसाद ओली ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और उनकी जगह पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया।