

Khamenei Funeral President Pezeshkian Vows Flag Won't Fall: ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा की रस्में पूरी तरह से शुरू हो चुकी हैं। तेहरान के ग्रैंड इमाम खुमैनी मुसल्ला से शुरू हुए इस विशाल जनाजे में लाखों लोगों की भारी भीड़ जुट रही है। इस मौके पर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने एक बहुत ही भावुक और बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनके शहीद नेता ने जिस झंडे के लिए संघर्ष किया, वह कभी जमीन पर नहीं गिरेगा।
राष्ट्रपति पेजेशकियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि ईरान की जनता साबित करेगी कि यह झंडा हमेशा बुलंद रहेगा। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी को अमेरिकी और इजरायली हमलों में शहीद हुए खामेनेई के प्रति जनता की निष्ठा हमेशा कायम रहेगी। ईरान के नागरिक दुख से जरूर भरे हैं लेकिन उनके दिलों में उम्मीद अभी भी पूरी तरह से जिंदा है। वे धरती पर प्रताड़ित लोगों को मजबूत नेतृत्व और विरासत देना चाहते हैं।
निर्वासित ईरानी क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने खामेनेई की इस विशाल अंतिम यात्रा की बहुत ही तीखी आलोचना की है। उन्होंने अपने X पोस्ट में इसे ईरानी सरकार का एक बहुत बड़ा प्रोपेगेंडा बताकर निशाना साधा है। पहलवी ने तेहरान आए विदेशी प्रतिनिधियों से साफ कहा कि पूरा ईरान उनके लिए बिल्कुल भी शोक नहीं मना रहा है। उनका दावा है कि ईरान उन 40 हजार बेटे-बेटियों के लिए दुखी है जिन्हें 8 और 9 जनवरी को खामेनेई की दमनकारी मशीनरी ने मारा था।
ईरानी सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के अनुसार इस जनाजे में लाखों लोगों की भीड़ लगातार भारी संख्या में शामिल हो रही है। मुख्य अंतिम यात्रा आज सोमवार को राजधानी तेहरान की प्रमुख सड़कों पर बहुत ही भव्य तरीके से निकाली जाएगी। इसके बाद मंगलवार को ईरान के कोम और गुरुवार को मशहद शहर में भी जनाजे के बड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे। अंत में अयातुल्लाह अली खामेनेई को पवित्र इमाम रजा दरगाह में पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
आयोजकों ने बताया कि आगामी बुधवार को इराक के पवित्र शहर नजफ और कर्बला में भी विशेष शोक सभाएं आयोजित होंगी। इन सभाओं में अयातुल्लाह अली खामेनेई की याद में उन्हें अंतिम विदाई और भावभीनी श्रद्धांजलि दी जाएगी। इससे पहले शुक्रवार को भी विश्व के कई बड़े देशों के प्रतिनिधियों और नेताओं ने तेहरान पहुंचकर अपनी श्रद्धांजलि दी। ईरान इस समय एक बहुत ही मुश्किल दौर से गुजर रहा है और पूरा देश अपने नेता को आखिरी सम्मान दे रहा है।