Khamenei Funeral: खामेनेई के जनाजे में भावुक हुए राष्ट्रपति और स्पीकर… नम आंखों से विदा करने पहुंचे लाखों लोग

Iran Ali Khamenei Funeral: ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे में भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और संसद अध्यक्ष भी फूट-फूटकर रो पड़े।
Iran Khamenei Funeral: President Cries As Massive Crowd Gathers In Tehran For The Last Rites
खामेनेई के जनाजे में भावुक हुए राष्ट्रपति और स्पीकर (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Iran President Cries At Ali Khamenei Funeral: ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे की विशाल तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शनिवार से शुरू होने वाले इस बड़े अंतिम संस्कार से पहले तेहरान में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में भावुक माहौल दिखा। समारोह के दौरान ईरान के वर्तमान राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गालिबाफ भावुक होकर रो पड़े। इन बड़े नेताओं के साथ पूरी देश की लीडरशिप भारी भीड़ के सामने फूट-फूटकर रोती हुई नजर आई।

इस विशाल और ऐतिहासिक जनाजे में बहुत ही बड़ी संख्या में देश के आम नागरिक और दुनिया के कई नेता पहुंचे हैं। ईरान की सरकार इसे केवल एक साधारण शोक समारोह नहीं बल्कि अपनी मजबूत राष्ट्रीय एकता और राजनीतिक मजबूती मान रही है। इसके जरिए युद्ध के बाद देश की जनता के सामने अपनी विशाल शक्ति का बड़ा प्रदर्शन भी किया जा रहा है। तेहरान की सड़कों पर बैनर लगाए गए हैं जिन पर अरबी, फारसी और अंग्रेजी में खास संदेश लिखे गए हैं।

परिजनों के ताबूत भी रखे गए

राजधानी तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में पूर्व सुप्रीम लीडर खामेनेई का राष्ट्रीय ध्वज से पूरी तरह से ढका हुआ पवित्र ताबूत भारी सम्मान के साथ रखा गया। उनके साथ उन अन्य परिजनों के ताबूत भी कतार में रखे गए जिनकी मौत युद्ध के पहले ही दिन हुए खतरनाक हवाई हमले में हुई थी। मरने वालों में उनके दामाद, बड़ी बेटी, 14 महीने की पोती और देश के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई की पत्नी शामिल थीं।

आशीर्वाद के लिए उमड़ा जनसैलाब

इस भव्य समारोह में एक बेहद भावुक दृश्य तब साफ देखने को मिला जब शोक में डूबे हजारों लोग अपने वस्त्र ताबूत से स्पर्श करवा रहे थे। इन चीजों को पवित्र ताबूत से स्पर्श कराने को ईरान में बहुत ही पवित्र और बड़े आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। बाद में खामेनेई के ताबूत को एक बड़े लाल झंडे से ढका गया जिस पर अरबी भाषा में 'या हुसैन' का नारा लिखा था।

शक्ति और एकता का कड़ा संदेश

तेहरान की सड़कों पर लगे बैनरों पर 'हमें उठ खड़ा होना होगा' (We Must Rise) जैसे संदेश लिखे गए हैं ताकि आम जनता एकजुट रहे। ताबूत पर रखा गया लाल झंडा हमेशा से अन्याय के खिलाफ कड़े संघर्ष और दुश्मनों से भारी बदले के बड़े संकल्प का एक अहम प्रतीक है। इसी बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड के वरिष्ठ कमांडर जनरल अहमद वाहिदी भी कई महीनों बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए।

कई दिनों तक चलेगा शोक कार्यक्रम

शनिवार के दिन से शुरू होने वाला यह ऐतिहासिक और विशाल शोक समारोह लगातार कई दिनों तक ईरान में पूरे राष्ट्रीय सम्मान के साथ आयोजित किया जाएगा। खामेनेई के पार्थिव शरीर को ईरान के विभिन्न बड़े शहरों के साथ-साथ पड़ोसी देश इराक के पवित्र स्थानों पर भी अंतिम दर्शन के लिए ले जाया जाएगा। इस पूरी अवधि के दौरान तेहरान में सुरक्षा कारणों से कई अहम सड़कें बंद रहेंगी, हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध रहेगा और शोक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

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