Khamenei Death Mystery: खामेनेई की मौत के 48 घंटे बाद भी शव की कोई तस्वीर नहीं, कहां है डेड बॉडी?

Khamenei Body Location: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद उनके शव को लेकर सस्पेंस गहरा गया है। मलबे से निकाले जाने और ट्रंप-नेतन्याहू को फोटो भेजने के बाद से शव की कोई खबर नहीं है।
Khamenei Death Mystery: No Photos or Funeral Updates 48 Hours After US-Israel Strike
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Where Is Khamenei Dead Body: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को 48 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन उनके शव को लेकर दुनिया भर में सस्पेंस बना हुआ है। शनिवार को हुए भीषण हमले के बाद से न तो उनके शव की कोई आधिकारिक तस्वीर सामने आई है और न ही अंतिम संस्कार को लेकर ईरान ने कुछ स्पष्ट किया है। मलबे से निकाले गए उनके पार्थिव शरीर की आखिरी झलक केवल डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू को ही डिजिटल माध्यम से दिखाई गई थी। युद्ध के इस माहौल में खामेनेई की डेड बॉडी का रहस्य अब अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया है।

हमले का खौफनाक मंजर

शनिवार 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से एक खुफिया ऑपरेशन चलाकर खामेनेई के सरकारी आवास को निशाना बनाया जिसमें उनकी जान चली गई। उस समय खामेनेई अपने बेहद करीबी रिवोल्यूशनरी गार्ड प्रमुख मोहम्मद पाकपूर और सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर रहे थे जब वहां भीषण बमबारी हुई। हमला इतना जोरदार था कि पूरा परिसर मलबे में तब्दील हो गया और 86 साल के खामेनेई की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। अमेरिकी रिपोर्टों के अनुसार स्ट्राइक के तुरंत बाद मलबे से खामेनेई का क्षत-विक्षत शव निकाला गया जिसकी तस्वीरें लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भेजी गई थीं। मोसाद के एजेंटों ने शुरुआत में शव को अपने कब्जे में लेकर जरूरी दस्तावेज तैयार किए और फिर उसे वहीं मलबे के पास ही छोड़कर चले गए थे। तब से उनके शव की वर्तमान स्थिति और स्थान के बारे में कोई पुख्ता जानकारी साझा नहीं की गई है जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सस्पेंस और भी बढ़ गया है।

अंतिम संस्कार पर संशय

आधिकारिक रूप से ईरान सरकार ने अब तक अंतिम संस्कार के समय या स्थान के बारे में चुप्पी साध रखी है जिससे कयासों का बाजार काफी गर्म है। चर्चा है कि उनका अंतिम संस्कार या तो तेहरान के बेहश्त-ए जहरा कब्रिस्तान में होगा जहां पहले सुप्रीम लीडर खुमैनी को दफनाया गया था। दूसरी चर्चा उनके गृहनगर मशहद की है जिसे ईरान में एक बेहद पवित्र स्थल माना जाता है और जहां हाल ही में इब्राहिम रईसी को दफनाया गया था।

एक अन्य संभावना यह भी जताई जा रही है कि जारी युद्ध की गंभीर स्थिति को देखते हुए ईरान खामेनेई का अंतिम संस्कार फिलहाल स्थगित कर सकता है। जिस प्रकार हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरुल्लाह का अंतिम संस्कार पांच महीने बाद हुआ था वैसे ही खामेनेई की विदाई भी जंग रुकने के बाद हो सकती है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें ईरान के अगले आधिकारिक बयान पर टिकी हैं जो इस मरे हुए नेता के शव के रहस्य से पर्दा उठा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और प्रतिक्रियाएं

वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस हमले के पीछे सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का भी बड़ा हाथ हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार क्राउन प्रिंस ने राष्ट्रपति ट्रंप को कई बार फोन करके इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए सबसे सही और मुफीद वक्त बताया था। इस बीच भारत ने भी मध्य पूर्व की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जाहिर की है और पीएम मोदी ने सुरक्षा समिति की आज एक बैठक बुलाई है।

ईरान ने इस हमले का बदला लेने के लिए अब तक 14 अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है जिसमें सैकड़ों अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है। तेहरान, इस्फ़हान और अन्य शहरों पर हुए हमलों के बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जवाबी कार्रवाई बहुत तेज कर दी है जिससे तनाव चरम पर है। युद्ध की इस विभीषिका के बीच खामेनेई के शव का गायब होना या जानकारी न मिलना एक बहुत बड़ी कूटनीतिक पहेली बन गया है।

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