खामेनेई की मौत का मास्टरमाइंड: इन 4 जांबाज अफसरों ने रचा था 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' का चक्रव्यूह

Operation Epic Fury: ईरान के लीडर खामेनेई की मौत के पीछे अमेरिका-इजराइल के चार सैन्य दिग्गजों का दिमाग था। 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के जरिए इन अफसरों ने तेहरान में इस गुप्त हमले को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
Operation Epic Fury: Meet the 4 US and Israeli Officers Who Targeted Ali Khamenei
खामेनेई की मौत के मास्टरमाइंड (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Killers Of Ayatollah Khamenei: ईरान के इतिहास में 28 फरवरी 2026 की तारीख एक बड़े बदलाव के रूप में दर्ज हो गई है क्योंकि इसी दिन 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत सुप्रीम लीडर को निशाना बनाया गया। इस गुप्त और साहसी सैन्य अभियान ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया और पश्चिम एशिया की राजनीति की दिशा ही बदल कर रख दी है। इस मिशन की सफलता के पीछे अमेरिका और इजराइल के उन चार शीर्ष सैन्य अधिकारियों की वर्षों की मेहनत और सटीक रणनीति छिपी हुई थी। यह ऑपरेशन न केवल सैन्य कौशल का उदाहरण है बल्कि यह आधुनिक युद्ध रणनीति और खुफिया तंत्र की ताकत को भी बखूबी दर्शाता है।

रणनीति के रचयिता डैन केन

अमेरिकी सेना के प्रमुख जनरल डैन केन ने इस पूरे मिशन की सैन्य योजना बनाने और विभिन्न बलों के बीच तालमेल बैठाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें 2025 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नियुक्त किया गया था और वह खाड़ी क्षेत्र में एफ-16 पायलट के रूप में अपने लंबे अनुभव के लिए जाने जाते हैं। केन ने ही अज्ञात स्थान से वॉर रूम में बैठकर इस ऐतिहासिक हमले की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर अपनी पैनी नजर रखी थी।

सेंटकॉम का दमदार नेतृत्व

एडमिरल ब्रैड कूपर, जो यूएस सेंटकॉम के प्रमुख हैं, उन्होंने जमीनी स्तर पर इस बड़े सैन्य अभियान के संचालन और समन्वय की जिम्मेदारी बहुत ही बखूबी संभाली। सेंटकॉम पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों का केंद्र है, इसलिए इजराइली बलों और अमेरिकी नौसेना के बीच तालमेल बैठाना कूपर की ही मुख्य जिम्मेदारी थी। उनके नेतृत्व में ही लक्ष्यों की सटीक पहचान की गई और हवाई हमलों की निगरानी करते हुए मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

इजराइली सेना की मुस्तैदी

इजराइल के सेना प्रमुख इयाल जमीर ने इस संयुक्त अभियान में अपनी रणनीतिक सूझबूझ और खुफिया जानकारी का इस्तेमाल करके तेहरान के सुरक्षित ठिकानों पर चोट की। जमीर ने इजराइली वायु सेना के साथ मिलकर हमले की रूपरेखा तैयार की थी ताकि दुश्मन के मुख्य ठिकानों को बिना किसी बड़ी चूक के तबाह किया जा सके। अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर उन्होंने ऑपरेशन के हर चरण को आगे बढ़ाया जिससे इस मिशन की सफलता की दर काफी बढ़ गई।

मोसाद का खुफिया तंत्र

मोसाद के प्रमुख रोमन गोफमैन को इस गुप्त ऑपरेशन की सफलता का असली सूत्रधार माना जाता है क्योंकि उनकी टीम ने महीनों पहले से खामेनेई को ट्रैक किया था। गोफमैन के नेतृत्व में मोसाद ने तकनीकी निगरानी के साथ-साथ इंसानी जासूसी की मदद से ईरान के अंदरूनी नेटवर्क में इतनी सेंध लगा दी थी कि उन्हें हर पल की खबर थी। इसी सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर अमेरिकी और इजराइली लड़ाकू विमानों ने अपने लक्ष्यों पर अचूक निशाना साधा और मिशन पूरा किया।

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