

Trump Iran War Distraction: पश्चिम एशिया में चल रहे भारी तनाव के बीच अमेरिका की राजनीति में एक नया और बहुत बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर ईरान के साथ सैन्य संघर्ष को लेकर तीखा हमला बोला है। हैरिस ने कहा कि यह पूरी तरह से एक ट्रंप का ईरान युद्ध का ध्यान भटकाना रणनीति है ताकि असली मुद्दों को छिपाया जा सके। इस बड़े राजनीतिक आरोप के बाद पूरे अमेरिका और वैश्विक कूटनीति में एक नई और तेज बहस शुरू हो गई है।
Kamala Harris का सबसे बड़ा आरोप यह है कि ट्रंप प्रशासन ईरान युद्ध का इस्तेमाल जनता को गुमराह करने के लिए कर रहा है। उनका मानना है कि सरकार ऑपरेशन एपिक फ्यूरी जैसे बड़े अभियानों का सहारा लेकर एपस्टीन फाइल्स जैसे विवादों को छिपाना चाहती है। यह अमेरिकी जनता को असली और जरूरी मुद्दों से दूर रखने की एक बहुत ही सोची-समझी राजनीतिक चाल है।
Kamala Harris ने अपने कड़े बयान में स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिकी जनता इस युद्ध को बिल्कुल भी नहीं चाहती है। इसके बावजूद मौजूदा सरकार अपनी राजनीतिक जिद में आकर सैन्य टकराव को लगातार आगे बढ़ा रही है जो सरासर गलत है। यह पूरी तरह से अमेरिकी नागरिकों की शांति की इच्छा और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ उठाया गया कदम है।
Kamala Harris ने इस बात पर भी विशेष रूप से जोर दिया कि इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप को इस युद्ध में धकेल दिया है। ईरान के साथ बढ़ते इस सैन्य टकराव ने वैश्विक कूटनीति में एक नई तरह की हलचल और परेशानी पैदा कर दी है। इससे आने वाले समय में दुनिया भर के हालात और भी ज्यादा विस्फोटक तथा बेहद खतरनाक बन सकते हैं।
मिशिगन में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए Kamala Harris ने ट्रंप प्रशासन को अब तक का सबसे भ्रष्ट और बेरहम प्रशासन बताया। उन्होंने कहा कि यह मौजूदा नेतृत्व केवल अपनी ताकत दिखाने के लिए सेना का मनमाना इस्तेमाल कर रहा है जो खतरे की घंटी है। उनका यह भी दृढ़ता से मानना है कि इस तरह के तानाशाही वाले फैसले देश के महान लोकतंत्र के लिए बहुत ही खतरनाक साबित होंगे।
पूर्व उपराष्ट्रपति का कहना है कि ट्रंप की गलत और अदूरदर्शी नीतियों के कारण अमेरिका की विदेश नीति लगातार कमजोर होती जा रही है। ट्रंप अंतरराष्ट्रीय नियमों, संप्रभुता और महत्वपूर्ण वैश्विक समझौतों को बिल्कुल भी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इसकी वजह से दुनिया भर में अमेरिका का प्रभाव बहुत तेजी से घट रहा है और उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि भी खराब हो रही है।
अमेरिका ने अपने पुराने सहयोगियों और खास मित्र देशों के साथ विश्वास का पुराना रिश्ता लगभग पूरी तरह से खो दिया है। दुनिया के अन्य देशों के बीच भी अब अमेरिका की विश्वसनीयता पहले की तरह मजबूत और टिकाऊ नहीं रही है। इससे पूरी वैश्विक व्यवस्था धीरे-धीरे बहुत कमजोर और अस्थिर होती जा रही है जो भविष्य के लिए बहुत चिंता का विषय है।
विदेश नीति के अलावा हैरिस ने अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे सबसे महत्वपूर्ण घरेलू मुद्दों पर भी सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं के अधिकार और अन्य घरेलू नीतियां भी आम लोगों के हित में बिल्कुल भी काम नहीं कर रही हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी को पूरा भरोसा है कि आगामी मध्यावधि चुनावों में वे बेहतर प्रदर्शन करेंगे क्योंकि देश की जनता अब बदलाव चाहती है।