होर्मुज संकट में अकेला पड़ा US...फ्रांस-जर्मनी की ना से भड़के ट्रंप, इजरायल को बताया सबसे वफादार दोस्त

Donald Trump ने इजरायल को अमेरिका का सबसे वफादार साथी बताते हुए NATO देशों पर तीखा हमला बोला है। होर्मुज संकट में साथ न देने पर ट्रंप ने यूरोपीय देशों को कड़ी चेतावनी दी।
Trump Says Israel Greatest Ally
डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल को अमेरिका का सबसे बड़ा सहयोगी बताया (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Trump Says Israel Greatest Ally: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल की खुलकर तारीफ करते हुए उसे अमेरिका का “महान सहयोगी” बताया है। ट्रंप ने कहा कि इजरायल साहसी, निर्भीक, वफादार और बुद्धिमान देश है, जिसने मुश्किल समय में अपनी असली ताकत दिखाई है। उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल एक ऐसा साथी है जो “लड़ना और जीतना जानता है।”

ट्रंप ने यह बयान अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल  पर पोस्ट किया, जिसे बाद में अमेरिकी प्रशासन के आधिकारिक हैंडल ने भी साझा किया। अपने संदेश में ट्रंप ने बिना नाम लिए यूरोपीय सहयोगियों और NATO देशों पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा।

होर्मुज को लेकर NATO देशों से नाराजगी

डोनाल्ड ट्रंप की नाराजगी की वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर चल रहा तनाव बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों से इस क्षेत्र में समर्थन मांगा था, लेकिन NATO के कई देशों ने सैन्य मदद देने से इनकार कर दिया।

फ्रांस, जर्मनी, इटली और यहां तक कि ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने भी होर्मुज क्षेत्र में अपनी सेना भेजने से मना कर दिया। वहीं, स्पेन ने अमेरिका को ईरान के खिलाफ अपने एयरस्पेस के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी।

जब जरूरत थी, तब साथ नहीं आए: ट्रंप

ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में NATO सहयोगियों की आलोचना करते हुए कहा, “जब हमें उनकी जरूरत थी, तब वे हमारे साथ नहीं थे, और आगे भी नहीं होंगे। इसे याद रखा जाएगा।” उनके इस बयान के बाद अमेरिका और उसके पारंपरिक सहयोगियों के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है।

अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच बढ़ता तनाव

हाल के दिनों में अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच बयानबाजी तेज हुई है। खासतौर पर फ्रांस और इटली के साथ मतभेद खुलकर सामने आए हैं। ऐसे में इजरायल की खुली तारीफ और NATO पर हमला, वैश्विक राजनीति में नए समीकरण बनने का संकेत दे रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति ने अमेरिका और उसके सहयोगियों के रिश्तों की परीक्षा ले ली है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या यह मतभेद और गहराते हैं या कूटनीतिक स्तर पर इन्हें सुलझा लिया जाता है।  

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