जेडी वेंस (सोर्स-सोशल मीडिया)
US-Iran Peace Talks: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शुक्रवार को ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वह अमेरिका के साथ “खेल” न खेले। यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैंस पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से कूटनीतिक मिशन पर रवाना हुए हैं। उन्हें डोनाल्ड ट्रंप ने विशेष रूप से इस संवेदनशील स्थिति को संभालने और बढ़ते तनाव को कम करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
जेडी वेंस की यह यात्रा एक बेहद नाजुक दौर में हो रही है, जब अस्थायी युद्धविराम टूटने की कगार पर है। इस्लामाबाद के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि यदि ईरान ईमानदारी से बातचीत करता है, तो अमेरिका सकारात्मक रुख अपनाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की धोखाधड़ी या टालमटोल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि वैंस लंबे समय से विदेशी सैन्य हस्तक्षेपों को लेकर सतर्क रुख रखते रहे हैं और अनिश्चितकालीन युद्धों में अमेरिकी सेना की भूमिका को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। इसके बावजूद, मौजूदा परिस्थिति में वे मध्यस्थता की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
दूसरी ओर, ईरानी पक्ष की मांगें इस वार्ता को और जटिल बना रही हैं। मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने स्पष्ट किया है कि लेबनान में युद्धविराम और ईरान की जब्त संपत्तियों की रिहाई वार्ता शुरू होने से पहले पूरी की जानी चाहिए। यह रुख Israel और अमेरिका की अपेक्षाओं से काफी अलग है, जिससे समझौते की राह मुश्किल दिखाई दे रही है।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री अब्बास अराघची, रक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदियन और केंद्रीय बैंक प्रमुख अब्दोलनासर हेममती सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। ये सभी मिलकर ईरान का पक्ष मजबूती से रखने की कोशिश करेंगे।
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वहीं, अमेरिकी टीम में वैंस के साथ स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी शामिल हैं, जिन्होंने पहले भी ईरान के साथ अप्रत्यक्ष वार्ताओं में हिस्सा लिया है। पाकिस्तान इस पूरी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस वार्ता को “निर्णायक क्षण” बताया है, जबकि विदेश मंत्री इशाक डार और सेना प्रमुख असीम मुनीर ने दोनों पक्षों का स्वागत किया।